Rajya Sabha ; Jagdeep Dhankhar : नई दिल्ली । इंडिया गठबंधन ने आज राज्यसभा में सभापति जगदीप धनखड़ के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है। विपक्षी दलों का आरोप है कि धनखड़ कार्यवाही के दौरान पक्षपाती रवैया अपनाते हैं और सत्ता पक्ष की ओर से काम करते हैं, जिससे लोकतंत्र की अवहेलना होती है और विपक्ष की आवाज दबाई जाती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि सभापति धनखड़ अपने पद का दुरुपयोग करते हुए सदन में निष्पक्षता बनाए रखने में विफल रहे हैं। उनका पक्षपाती रवैया लोकतांत्रिक प्रक्रिया को नुकसान पहुँचाता है और विपक्ष के नेताओं को अपनी बात रखने का अवसर नहीं मिलता।
पक्ष पाती कार्यप्रणाली करने का आरोप
आपको बता दें कि कांग्रेस के नेतृत्व में बनें इंडिया ब्लॉक ने राज्यसभा सभापति के खिलाफ यह प्रस्ताव पेश किया। विपक्षी नेताओं का कहना है कि धनखड़ सदन में सत्ता पक्ष के पक्ष में फैसले लेते हैं और विपक्ष की बातों को नजरअंदाज करते हैं। उनका यह भी आरोप है कि वह सदन की कार्यवाही में निष्पक्ष नहीं रहते हैं।
हस्ताक्षर एकत्र करने की प्रक्रिया
दरअसल, इस प्रस्ताव को पेश करने के लिए विपक्ष को 50 सांसदों के हस्ताक्षर की आवश्यकता थी। विपक्षी नेताओं ने दावा किया है कि उन्होंने सोमवार (कल) ही सभी आवश्यक हस्ताक्षर एकत्र कर लिए थे। इसके बाद, इस प्रस्ताव को संविधान के अनुच्छेद 67 (बी) के तहत पेश किया गया।
राज्यसभा के सभापति के खिलाफ पहला अविश्वास प्रस्ताव
इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है जब किसी भी दल के द्वारा राज्यसभा के सभापति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया गया हो। इससे पहले विपक्ष ने पिछले सत्र में भी इस तरह की चिंताएं जताई थीं, लेकिन उस समय कोई कार्रवाई नहीं की गई थी।
कौन-कौन से दलों ने हस्ताक्षर किए?
इस अविश्वास प्रस्ताव पर तृणमूल कांग्रेस (TMC), आम आदमी पार्टी (AAP) और समाजवादी पार्टी (SP) सहित कई विपक्षी दलों ने हस्ताक्षर किए हैं। इन दलों का कहना है कि राज्यसभा के सभापति के रवैये के कारण सदन की कार्यवाही निष्पक्ष नहीं हो रही है।
शीतकालीन सत्र में हंगामा: राज्यसभा और लोकसभा की कार्यवाही स्थगित
मंगलवार को राज्यसभा और लोकसभा में शीतकालीन सत्र की कार्यवाही के दौरान भारी हंगामा हुआ। दोनों सदनों में विपक्ष और सत्ता पक्ष के सांसदों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसके कारण कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।
राज्यसभा के सभापति के खिलाफ विपक्ष द्वारा पेश किया गया यह अविश्वास प्रस्ताव भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटना है। विपक्षी दलों का आरोप है कि धनखड़ के पक्षपाती रवैये से सदन की कार्यवाही पर असर पड़ता है। अब देखना यह है कि इस प्रस्ताव पर आगे क्या कार्रवाई होती है।

