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UPI ट्रांजैक्शन पर नहीं लगेगी कोई फीस, सरकार ने किया साफ… जानें और क्या कहा

UPI Payments: अगर आप रोजाना UPI से पेमेंट करते हैं तो ये खबर आपके लिए है। सरकार ने साफ कर दिया है कि अभी UPI से लेनदेन पर किसी तरह का कोई चार्ज नहीं लगेगा। वहीं, वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में बताया कि कोई भी बैंक या सिस्टम प्रदाता इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से भुगतान करने वाले या प्राप्त करने वाले व्यक्ति से कोई शुल्क नहीं ले सकता। यह नियम भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 और आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 269SU के तहत तय है। यानी आम लोग यूपीआई से पैसे भेजने या प्राप्त करने के लिए किसी भी तरह का चार्ज नहीं देंगे।

ऑनलाइन पेमेंट के मामले में भारत दुनिया में सबसे आगे

यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) डिजिटल पेमेंट का सबसे आसान और लोकप्रिय तरीका बन चुका है। इसकी लोकप्रियता इस बात से भी समझी जा सकती है कि ऑनलाइन पेमेंट के मामले में भारत दुनिया में सबसे आगे है। उदाहरण के तौर पर, 2 अगस्त को भारत में एक ही दिन में 707 मिलियन यूपीआई ट्रांजेक्शंस हुए। इसके मुकाबले, अमेरिका की पूरी आबादी सिर्फ 341.2 मिलियन है। यानी भारत में एक दिन में जितनी यूपीआई ट्रांजेक्शन हुई, वह अमेरिका की पूरी आबादी से भी ज्यादा है। इंटरनेशनल मॉनिटरी फंड (IMF) की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत अब ग्लोबल फास्ट पेमेंट लीडर बन गया है और इसमें सबसे बड़ा योगदान यूपीआई का है।

 

यूपीआई पर चार्ज की अफवाहें

कई बार खबरें आईं कि सरकार यूपीआई पेमेंट पर चार्ज लगाएगी। कुछ लोग सोचने लगे कि यूपीआई ट्रांजैक्शन महंगे हो सकते हैं। लेकिन सरकार ने साफ कहा है कि UPI पेमेंट पर कोई शुल्क नहीं लगेगा।

 

यूपीआई कैसे काम करता है?

UPI ट्रांजैक्शन भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) के माध्यम से होते हैं। 30 अगस्त 2019 का सर्कुलर: इस सर्कुलर के अनुसार, अधिग्रहण करने वाले बैंकों को मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) के तहत ट्रांजैक्शन वैल्यू का 0.30% वसूलने की अनुमति थी। लेकिन आम यूजर्स के लिए यूपीआई ट्रांजैक्शन बिल्कुल मुफ्त हैं। UPI ने भारत में डिजिटल पेमेंट को बहुत आसान और सुरक्षित बना दिया है।

-यह तेज, सुरक्षित और मुफ्त है।

-सरकार ने बार-बार साफ किया है कि यूपीआई पर कोई शुल्क नहीं लगेगा।

-भारत अब दुनिया में डिजिटल पेमेंट में सबसे आगे है।

 

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