Last Updated: September 30, 2026

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पानी पर सियासत: तुलबुल प्रोजेक्ट को लेकर उमर-महबूबा आमने-सामने, पाकिस्तान का भी जिक्र

May 16, 2025

पानी पर सियासत: तुलबुल प्रोजेक्ट को लेकर उमर-महबूबा आमने-सामने, पाकिस्तान का भी जिक्र

नेशनल डेस्क: जम्मू-कश्मीर में एक तरफ आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई चल रही है, वहीं दूसरी ओर एक पुराने वॉटर प्रोजेक्ट को लेकर नया राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। राज्य के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती के बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर तीखी बहस हो रही है।

विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने हाल ही में एक बयान में झेलम नदी पर रुके हुए तुलबुल नेविगेशन प्रोजेक्ट को फिर से शुरू करने की बात कही थी। इसके जवाब में महबूबा मुफ्ती ने उन पर निशाना साधते हुए कहा कि यह बयान गैर जिम्मेदाराना है, खासकर तब जब भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चल रहा है। महबूबा ने कहा, “ऐसे समय में जब भारत और पाकिस्तान युद्ध जैसे हालात से वापस लौटे हैं, इस तरह का बयान शांति के लिए खतरनाक है। पानी जैसी जरूरी चीज को हथियार बनाना अमानवीय है और इससे मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बढ़ सकता है।”

 

उमर अब्दुल्ला का पलटवार
इस पर उमर अब्दुल्ला ने जवाब दिया कि, “कुछ लोग सस्ती लोकप्रियता के लिए सच्चाई से मुंह मोड़ लेते हैं। सिंधु जल संधि जम्मू-कश्मीर के लोगों के साथ सबसे बड़ा धोखा है। मैंने हमेशा इस संधि का विरोध किया है और करता रहूंगा।” उन्होंने यह भी कहा कि इस संधि की वजह से जम्मू-कश्मीर को उसके पानी के हक से वंचित कर दिया गया है। उनका कहना है कि गलत संधि का विरोध करना कोई युद्ध भड़काने की कोशिश नहीं, बल्कि न्याय की मांग है।

तुलबुल नेविगेशन प्रोजेक्ट क्या है?
यह प्रोजेक्ट 1980 के दशक में झेलम नदी पर शुरू हुआ था। इसका मकसद था जल परिवहन को बेहतर बनाना और बिजली उत्पादन बढ़ाना। लेकिन पाकिस्तान के विरोध के कारण यह प्रोजेक्ट रोक दिया गया। अब जब भारत ने सिंधु जल संधि को आंशिक रूप से सस्पेंड कर दिया है, तो उमर अब्दुल्ला फिर से इस प्रोजेक्ट को शुरू करने की मांग कर रहे हैं।

सिंधु जल संधि क्या है?
सिंधु जल संधि 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुई थी, जिसमें दोनों देशों ने आपस में छह नदियों का पानी बांटने का समझौता किया था। उमर अब्दुल्ला का मानना है कि इस संधि से जम्मू-कश्मीर को उसका हक नहीं मिला और इसका सबसे ज्यादा नुकसान राज्य को हुआ।

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