नई दिल्ली: अमेरिका ने पाकिस्तान से संचालित आतंकवादी संगठन “U” (TRF) को विदेशी आतंकवादी संगठन (FTO) और विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकवादी (SDGT) घोषित कर दिया है। भारत ने इस फैसले का स्वागत किया है और कहा है कि यह भारत और अमेरिका की आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता को दर्शाता है।
भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इस पर प्रतिक्रिया दी और अमेरिका का आभार जताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर लिखा, “भारत और अमेरिका आतंकवाद के खिलाफ एक साथ खड़े हैं, यह इस फैसले से फिर साबित हुआ। TRF को आतंकी संगठन घोषित करने के लिए अमेरिका और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का धन्यवाद।”
A strong affirmation of India-US counter-terrorism cooperation.
Appreciate @SecRubio and @StateDept for designating TRF—a Lashkar-e-Tayyiba (LeT) proxy—as a Foreign Terrorist Organization (FTO) and Specially Designated Global Terrorist (SDGT). It claimed responsibility for the…
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) July 18, 2025
TRF, लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़ा एक आतंकी संगठन है। यह कश्मीर में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देता रहा है। 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की जिम्मेदारी भी TRF ने ली थी, जिसमें 26 पर्यटक मारे गए थे।
TRF पाकिस्तान में बैठकर भारत के खिलाफ साजिशें रचता है और हमला करता है।
अमेरिका के इस फैसले का मतलब है कि अब TRF की अमेरिका में संपत्तियां जब्त की जा सकती हैं। कोई भी अमेरिकी नागरिक या कंपनी TRF से व्यापार या सहयोग नहीं कर सकती। इससे TRF की अंतरराष्ट्रीय गतिविधियां रोकने में मदद मिलेगी और पाकिस्तान पर दबाव बढ़ेगा।
TRF को आतंकी संगठन घोषित करने के बाद रुबियो ने बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि यह कदम अमेरिका की आतंकवाद के खिलाफ प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा, “यह राष्ट्रीय सुरक्षा और हमारे सहयोगियों की सुरक्षा के लिए ज़रूरी कदम है।”
भारत सरकार ने भी इस अमेरिकी कदम का खुले तौर पर स्वागत किया। विदेश मंत्रालय ने कहा, “हम अमेरिका की ओर से TRF को आतंकी संगठन घोषित करने का स्वागत करते हैं और विदेश मंत्री मार्को रुबियो के नेतृत्व की सराहना करते हैं। यह निर्णय आतंकवाद के खिलाफ हमारी साझेदारी को और मजबूत करता है।”