नेशनल डेस्क: वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने शुक्रवार को कहा कि पाकिस्तान के दावे जिनमें कहा गया कि उसने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कई भारतीय लड़ाकू विमान मार गिराए, वास्तविकता नहीं हैं। उन्होंने इन दावों को आसान भाषा में “मनोहर कहानियां” यानी काल्पनिक कहानी बताया और कहा कि उनके पास इस बात का कोई सबूत नहीं है।
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पाक के दावों पर टिप्पणी
वायुसेना प्रमुख ने कहा कि पाकिस्तान ने हमारे 15 जेट मार गिराने का दावा किया, पर उन्होंने कोई ठोस तस्वीर या सबूत नहीं दिखाया। जबकि भारत ने पाकिस्तान के ठिकानों को हुए नुकसान की तस्वीरें साझा कीं। इसलिए उन्होंने इन दावों को अपनी छवि बचाने के लिए बनाए गए निराधार बयान बताया, “उन्हें खुश रहने दीजिए” और कहा कि इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता।
#WATCH | Delhi: On Pakistan’s claim of downing IAF planes in Op Sindoor, Indian Air Force Chief Air Chief Marshal AP Singh says, “…their (Pakistan) narrative is ‘Manohar Kahaniyan’. Let them be happy, after all, they also have to show something to their audience to save their… pic.twitter.com/qNc49KL5xR
— ANI (@ANI) October 3, 2025
ऑपरेशन सिंदूर का बयान
यह ऑपरेशन 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले (जिसमें 26 पर्यटक मारे गए) के जवाब में किया गया था। पाकिस्तान बार-बार कह रहा है कि उसने भारतीय विमानों को मार गिराया, पर वायुसेना प्रमुख ने इसे नकार दिया। सिंह ने बताया कि AMCA की पहली उड़ान संभवतः 2028 के आसपास होगी और यह 2035 तक वायुसेना में शामिल हो सकता है। उन्होंने कहा कि यह समय-सीमा हासिल की जा सकती है और तकनीकी ज़रूरतें हमें स्पष्ट हैं।
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नए जेट चुनने की प्रक्रिया
नए जेटों के मामले में सभी विकल्पों (जैसे Su-57, राफेल) पर विचार किया जाएगा। रक्षा मंत्रालय और वायुसेना की एक तय प्रक्रिया होती है, जो टेक्निकल जरूरत, तकनीक स्थानांतरण और स्थानीय विनिर्माण आज़ादी पूरी करेगा, वही चुना जाएगा। सिंह ने राफेल को एक आसान विकल्प बताया क्योंकि पिछले MMRCA मूल्यांकन में राफेल उपयुक्त पाया गया था।
सटीक कार्रवाई की क्षमता
पाकिस्तान के कब्ज़े वाले क्षेत्रों या खैबर पख्तूनख्वा में आतंकी ठिकानों की खबरों पर उन्होंने कहा कि अगर खुफिया जानकारी मिलती है तो भारत के पास अब उन ठिकानों को बहुत सटीक तरीके से निशाना बनाने की क्षमता है। हमारे पास विकल्प मौजूद हैं और वे भी वैसा ही रहेंगे।

