नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने वंचित वर्गों के छात्रों को मिलने वाली पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति में देरी और खराब हालत में चल रहे हॉस्टलों को लेकर गंभीर चिंता जताई है।
राहुल गांधी ने यह पत्र 10 जून को लिखा। उन्होंने हाल ही में बिहार के दरभंगा में अंबेडकर छात्रावास का दौरा किया था, जहां छात्रों ने उन्हें कई परेशानियों के बारे में बताया। छात्रों ने शिकायत की कि हॉस्टल में एक ही कमरे में 6-7 छात्र रह रहे हैं, शौचालय गंदे हैं, पीने का पानी साफ नहीं है, मेस की कोई सुविधा नहीं है, और पढ़ाई के लिए पुस्तकालय या इंटरनेट जैसी सुविधाएं नहीं हैं।
राहुल गांधी ने अपने पत्र में दो मुख्य मुद्दों पर ध्यान दिलाया:
हॉस्टलों की खराब स्थिति
उन्होंने कहा कि दलित, आदिवासी (एसटी), अति पिछड़ा वर्ग (ईबीसी), अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और अल्पसंख्यक समुदायों के छात्रों के लिए बने हॉस्टलों की हालत बहुत ही खराब है। यहां साफ-सफाई, खाना और पढ़ाई की बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिल पा रहीं।
छात्रवृत्ति में देरी और कम राशि
राहुल गांधी ने लिखा कि पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति समय पर नहीं मिल रही और कई बार बिल्कुल नहीं मिलती। उदाहरण के लिए, बिहार में छात्रवृत्ति पोर्टल तीन साल तक बंद रहा और 2021-22 में एक भी छात्र को छात्रवृत्ति नहीं मिली। इसके अलावा, दलित छात्रों को मिलने वाली छात्रवृत्ति की संख्या भी घट गई है, वित्त वर्ष 2022-23 में 1.36 लाख छात्रों को छात्रवृत्ति मिली थी, जो 2023-24 में घटकर केवल 0.69 लाख रह गई। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रवृत्ति की राशि इतनी कम है कि वह अपमानजनक लगती है।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री से दो मांगें कीं
सभी राज्यों में वंचित समुदायों के छात्रों के हॉस्टलों का निरीक्षण (ऑडिट) कराया जाए और वहां बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं, जैसे साफ-सफाई, भोजन, पढ़ाई के संसाधन आदि। पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति समय पर और पूरी राशि के साथ दी जाए, उसकी रकम बढ़ाई जाए और राज्य सरकारों के साथ मिलकर इसका बेहतर क्रियान्वयन किया जाए। राहुल गांधी ने अपने पत्र में लिखा, “भारत तब तक आगे नहीं बढ़ सकता, जब तक उसके हाशिए पर खड़े युवा आगे नहीं बढ़ते।” उन्होंने प्रधानमंत्री से इस पर सकारात्मक कार्रवाई की उम्मीद जताई है।

