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जम्‍मू में बारिश ने तोड़ा 52 साल का रिकॉर्ड, 34 लोगों की मौत… 3500 से अधिक लोग किए गए रेस्क्यू

नेशनल डेस्क: जम्मू-कश्मीर के कटरा में माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर अर्धकुंवारी के पास भारी बारिश के दौरान हुए भूस्खलन में 34 लोग मारे गए हैं। इसके अलावा कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। मलबे में कई और लोग फंसे हुए हैं, जिनकी तलाश में रेस्क्यू टीमों द्वारा सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

झेलम नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही

जम्‍मू में बारिश ने 52 साल का रिकार्ड तोड़ दिया है, हर तरफ बस पानी ही पानी नजर आ रहा है। इसके साथ ही, जम्मू में झेलम नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे बाढ़ का खतरा और भी बढ़ गया है। भारी बारिश के कारण जम्मू के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ आ गई है और जलभराव हो गया है। इस तबाही ने बुनियादी ढांचों को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। पुल टूट गए, बिजली की लाइनें और मोबाइल टावर क्षतिग्रस्त हो गए हैं।

3500 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया 

अब तक 3500 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रेस्क्यू करके पहुंचाया गया है। जम्मू में बुधवार सुबह तक 24 घंटे में 296 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो कि 1973 में हुई 272.6 मिमी की बारिश का रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। उधमपुर में भी 629.4 मिमी बारिश हुई, जो कि 2019 में हुई बारिश के रिकॉर्ड से लगभग दोगुनी है।

 

2014 की बाढ़ से हमने क्या सीखा?

मुख्यमंत्री उमर अबदुल्ला ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा,  ”2014 की बाढ़ की दो तस्वीरें और 2025 की बाढ़ की दो तस्वीरें। लगभग एक ही जगह और लगभग एक जैसा नुकसान। 2014 की बाढ़ से हमने क्या सीखा? पिछले 11 सालों में क्या सुधारात्मक कदम उठाए गए? अक्टूबर 2014 से बाढ़ से निपटने के क्या उपाय लागू किए गए? ये सभी ऐसे सवाल हैं जिनके जवाब चुनी हुई सरकार तलाशेगी क्योंकि पिछले 48 घंटे चौंकाने वाले रहे हैं।”

 

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को दी जानकारी

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राज्य में भारी बारिश और बाढ़ से उत्पन्न स्थिति के बारे में जानकारी दी है। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा दी जा रही मदद के लिए आभार व्यक्त किया है और प्रधानमंत्री से एनडीआरएफ टीमों की तैनाती के लिए धन्यवाद कहा। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बताया कि बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित इलाके जम्मू, सांबा, कठुआ, उदयपुर, डोडा और किश्तवाड़ हैं, जबकि राजौरी और पुंछ में स्थिति सामान्य है।

सीएम का दौरा और भविष्य की योजना

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और बाढ़ से हुए नुकसान की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि बारिश में थोड़ी कमी आने से अब राहत की उम्मीद है, हालांकि निचले इलाकों में पानी का स्तर अभी भी काफी ज्यादा है। उन्होंने यह भी कहा कि तवी नदी और अन्य नदियों के किनारे रहने वाले लोग हमेशा खतरे में रहते हैं, इसलिए इन क्षेत्रों के पुनर्वास पर विचार किया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने जताई संवेदना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने माता वैष्णो देवी के दर्शन करने जा रहे श्रद्धालुओं पर हुए भूस्खलन में हुई जानमाल की हानि पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने प्रशासन से प्रभावित लोगों की मदद करने की अपील की और सभी की सुरक्षा की कामना की। प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं भी व्यक्त की हैं। बताते चलें कि, जम्मू और कश्मीर में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण हालात गंभीर हो गए हैं। कई लोग मारे गए हैं, जबकि हजारों लोगों को रेस्क्यू किया गया है। राहत और बचाव कार्य तेजी से चल रहा है, और सरकार हर संभव मदद की पेशकश कर रही है।

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