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‘मैं खुलेआम कहता हूं, RSS पर प्रतिबंध लगना चाहिए’, मल्लिकार्जुन खड़गे का बड़ा बयान

Kharge attacks BJP RSS

Kharge attacks BJP RSS

नेशनल डेस्क: कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि देश में कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति के लिए भाजपा और आरएसएस दोनों जिम्मेदार हैं।

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मल्लिकार्जुन खड़गे का बयान

मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, “ये मेरे निजी विचार हैं और मैं खुले तौर पर कहता हूँ कि आरएसएस पर प्रतिबंध लगना चाहिए। अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सच में सरदार पटेल के विचारों का सम्मान करते हैं, तो उन्हें आरएसएस पर बैन लगाना चाहिए। देश में जितनी भी बुराइयां और कानून-व्यवस्था की समस्याएँ हैं, वे भाजपा और आरएसएस की वजह से हैं।”

सरदार पटेल और आरएसएस का जिक्र

खड़गे ने कहा कि सरदार पटेल ने महात्मा गांधी की हत्या के बाद आरएसएस पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया था, क्योंकि उस समय आरएसएस के लोगों ने गांधी जी की मृत्यु पर मिठाइयां बांटी थीं। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी को एक पत्र लिखकर यह स्पष्ट किया था कि आरएसएस के भाषण ज़हर से भरे होते हैं और समाज में नफरत फैलाते हैं। खड़गे ने कहा, “पटेल ने साफ कहा था कि गांधीजी की हत्या के बाद आरएसएस ने जो खुशी मनाई, उसके बाद उस पर प्रतिबंध लगाना ही एकमात्र विकल्प था।”

 

प्रियांक खड़गे का बयान भी आया सामने

इससे पहले खड़गे के बेटे और कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खड़गे ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से आग्रह किया था कि राज्य के सरकारी स्कूलों, कॉलेजों और मंदिरों में आरएसएस की गतिविधियों पर रोक लगाई जाए। उन्होंने संगठन पर आरोप लगाया था कि वह युवाओं का ब्रेनवॉश कर रहा है और संविधान-विरोधी विचारधारा फैलाता है।

इंदिरा गांधी को दी श्रद्धांजलि

खड़गे ने शुक्रवार को दिवंगत प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को भी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी भारत की “लौह महिला” थीं, जिन्होंने देश की एकता और अखंडता के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया। खड़गे ने कहा, “लाखों भारतीय इंदिरा गांधी के साहस, दूरदर्शिता और नेतृत्व से प्रेरणा लेते रहेंगे।” इंदिरा गांधी भारत की तीसरी और पहली महिला प्रधानमंत्री थीं, जिन्होंने 1966 से 1977 और फिर 1980 से 1984 तक देश का नेतृत्व किया। 1984 में उनकी हत्या कर दी गई थी।

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