नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के मंच से भारत की मजबूत और स्वतंत्र सोच को दुनिया के सामने रखा। उन्होंने साफ कहा कि भारत अपने फैसले खुद लेता है और आगे भी अपनी स्वतंत्रता कायम रखेगा। जयशंकर ने अपने संबोधन में बताया कि भारत समकालीन दुनिया में तीन अहम सिद्धांतों पर आगे बढ़ रहा है। जिसमें आत्मनिर्भरता, आत्मरक्षा व आत्मविश्वास शामिल है।
भारत के नवाचार और निर्माण से पूरी दुनिया को फायदा मिलता है
विदेश मंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भरता का मतलब है अपनी क्षमता और ताकत को बढ़ाना। चाहे वह निर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) हो, अंतरिक्ष कार्यक्रम, दवाइयों का उत्पादन या डिजिटल टेक्नोलॉजी, भारत ने हर क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत के नवाचार और निर्माण से पूरी दुनिया को फायदा मिलता है।
Our statement at the General Debate of the 80th session of the UNGA. #UNGA80
https://t.co/kqiiJo82Iz— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) September 27, 2025
आत्मरक्षा का मतलब नागरिकों और सीमाओं की सुरक्षा करना
जयशंकर ने बताया कि आत्मरक्षा का मतलब है देश और विदेश में भारतीयों की सुरक्षा करना। इसमें शामिल हैं आतंकवाद को बर्दाश्त न करना, सीमाओं की मज़बूत रक्षा करना, अलग-अलग देशों के साथ साझेदारी व विदेशों में बसे भारतीय समुदाय की मदद करना।
आत्मविश्वास भारत की ताकत है
भारत आज दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाला देश है और सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। जयशंकर ने कहा कि हमें यह पता है कि हम आज कहां खड़े हैं और भविष्य में कहां पहुंचना है। यही आत्मविश्वास भारत की ताकत है।
भारत के विकल्प की स्वतंत्रता हमेशा कायम रहेगी
जयशंकर ने साफ कहा कि भारत हमेशा अपने फैसले खुद करेगा और अपने विकल्प चुनने की स्वतंत्रता को बनाए रखेगा। साथ ही उन्होंने ज़ोर दिया कि भारत ग्लोबल साउथ (यानी विकासशील देशों) की आवाज़ बनकर भी आगे बढ़ेगा।
संयुक्त राष्ट्र पर उठे सवाल
यूक्रेन और पश्चिम एशिया (गाज़ा) में जारी संघर्षों का ज़िक्र करते हुए विदेश मंत्री ने सवाल किया कि क्या संयुक्त राष्ट्र संगठन वाकई अपनी भूमिका निभाने में सफल रहा है? उन्होंने कहा कि हर देश की ज़िम्मेदारी है कि वह शांति और समृद्धि के लिए योगदान दे।
भारत का संदेश दुश्मनी छोड़ो, शांति अपनाओ
जयशंकर ने दुनिया से अपील की कि शत्रुता खत्म कर शांति बहाल की जाए। भारत हर उस पहल का समर्थन करेगा जो शांति लाने में मददगार हो। उन्होंने यह भी बताया कि हाल के संघर्षों का सबसे बड़ा असर ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा पर पड़ा है।
विदेश मंत्री ने व्यापारिक मुद्दों पर चिंता जताई
विदेश मंत्री ने व्यापारिक मुद्दों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आज दुनिया अनिश्चित बाज़ार और शुल्क (टैरिफ) की समस्याओं से जूझ रही है। उन्होंने चेताया कि किसी एक बाज़ार या सीमित स्रोत पर अधिक निर्भरता खतरनाक हो सकती है। यह टिप्पणी अमेरिका द्वारा विभिन्न देशों पर लगाए गए शुल्कों की पृष्ठभूमि में आई है।
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