नेशनल डेस्क: बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने आगामी चुनावों को लेकर एक तीखा कटाक्ष किया। बिहार में चुनाव आयोग द्वारा 6 और 11 नवंबर को दो चरणों में चुनाव कराने की घोषणा के बाद लालू ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने लिखा, “छह या ग्यारह, एनडीए नौ दो ग्यारह।”
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लालू यादव का यह बयान राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के नेतृत्व वाले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) पर एक सीधे हमले के रूप में देखा गया। उनका कहना था कि आगामी चुनावों में एनडीए को हार का सामना करना पड़ेगा। चुनाव आयोग ने सोमवार को बिहार विधानसभा चुनाव की तिथियां घोषित कर दीं। राज्य की 243 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव 6 और 11 नवंबर को दो चरणों में होंगे। मतगणना 14 नवंबर को होगी।
छह और ग्यारह
NDA
नौ दो ग्यारह!— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd) October 7, 2025
भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया:
चुनाव तिथियों की घोषणा के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बिहार की जनता को शुभकामनाएं दीं और उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए को एक बार फिर से बहुमत मिलेगा।अमित शाह ने एक पोस्ट में कहा, “लोकतंत्र के इस महापर्व के लिए बिहार के सभी लोगों को बधाई। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में एनडीए ने बिहार को ‘जंगलराज’ से मुक्त कर इसे विकास और सुशासन की दिशा में मजबूती से स्थापित किया है।” जेपी नड्डा ने भी चुनाव की तारीखों का स्वागत करते हुए इसे “लोकतंत्र का सबसे बड़ा उत्सव” बताया और कहा, “चुनाव, देश और राज्य के विकास की दिशा तय करने का सबसे महत्वपूर्ण साधन है।”
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विपक्षी दलों की आलोचना:
वहीं, विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने कहा कि उन्हें चुनाव आयोग की क्षमता पर कोई विश्वास नहीं है। उन्होंने स्पष्ट कहा, “अगर चुनाव आयोग बिहार में निष्पक्ष चुनाव कराता, तो भाजपा-नीतीश सरकार कभी सत्ता में नहीं आती।” शिवसेना (UBT) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी बिहार के मतदाताओं से अपील की कि वे चुनाव का उपयोग शासन के एक नए युग की शुरुआत के लिए करें। उन्होंने कहा, “बिहार के लोग वर्षों से धोखा खा चुके हैं, और अब उन्हें बदलाव की राजनीति की आवश्यकता है।”
चुनाव की स्थिति:
2020 के विधानसभा चुनाव में, राजद ने 75 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने के बाद बिहार विधानसभा में भाजपा को सिर्फ एक सीट से पीछे छोड़ दिया था। दोनों दलों का अपने-अपने समर्थकों के बीच मजबूत जनाधार है। साथ ही, जन सुराज जैसे नए दल के आने से इस बार चुनाव में कड़ा मुकाबला होने की संभावना जताई जा रही है, जहां छोटी पार्टियों की भूमिका निर्णायक हो सकती है। इस बार के चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है, और यह देखना दिलचस्प होगा कि बिहार के लोग किसे अपनी अगली सरकार चुनते हैं।

