
नई दिल्ली: 2008 के 26/11 मुंबई आतंकी हमले के कथित मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा ने पटियाला हाउस कोर्ट में आवेदन दायर कर निजी वकील के माध्यम से अपनी पैरवी करने की अनुमति मांगी है। अभी तक उसका प्रतिनिधित्व कानूनी सहायता वकील कर रहे थे, लेकिन अब राणा चाहता है कि वह अपने परिवार से संपर्क कर प्राइवेट वकील नियुक्त कर सके।
मंगलवार को हुई सुनवाई में विशेष एनआईए न्यायाधीश चंदर जीत सिंह ने एनआईए और जेल प्रशासन का जवाब सुनने के बाद फैसला 7 अगस्त तक सुरक्षित रख लिया।
इससे पहले, अदालत ने 1 अगस्त को परिवार से नियमित टेलीफोन पर बात करने की याचिका को खारिज कर दिया था। हालांकि, राणा को एक बार कॉल करने की अनुमति दी गई थी। राणा वर्तमान में न्यायिक हिरासत में है, और हाल ही में एनआईए ने उसके खिलाफ 9 जुलाई को एक पूरक आरोप पत्र दाखिल किया है जिसमें उसकी गिरफ्तारी, ज़ब्ती और अन्य दस्तावेज़ शामिल हैं। अदालत ने उसकी हिरासत 13 अगस्त तक बढ़ा दी है।
64 वर्षीय तहव्वुर राणा को इस वर्ष अमेरिका से प्रत्यर्पित किया गया। वह पाकिस्तानी मूल का कनाडाई व्यापारी है और लश्कर-ए-तैयबा द्वारा किए गए इस आतंकवादी हमले में उसकी भूमिका को लेकर भारत में मुकदमा चल रहा है। हमले में 170 से अधिक लोगों की मौत हुई थी और सैकड़ों लोग घायल हुए थे।
एनआईए का दावा है कि राणा से पूछताछ के दौरान उसने सहयोग नहीं किया, जिससे एजेंसी ने उसकी अतिरिक्त हिरासत की मांग की थी। साथ ही, उसकी आवाज और लिखावट के नमूने भी लिए गए हैं ताकि सबूतों से उसका मिलान किया जा सके। अब सबकी निगाहें 7 अगस्त के फैसले पर टिकी हैं, जिसमें तय होगा कि राणा निजी वकील से अपना पक्ष रख सकेगा या नहीं।