Last Updated: September 22, 2026

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कल दूसरे अल्पसंख्यकों की जमीन पर इनकी नजर होगी… वक्फ बिल को लेकर बोले गौरव गोगोई

April 2, 2025

कल दूसरे अल्पसंख्यकों की जमीन पर इनकी नजर होगी… वक्फ बिल को लेकर बोले गौरव गोगोई

नेशनल डेस्क: केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पेश किया। विधेयक को सदन में पेश करते ही विपक्षी दलों ने विरोध शुरू कर दिया। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने बोला ये संविधान की मूल भावना पर आक्रमण करने वाला बिल है।

संविधान पर हमला करने वाला बिल
लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई ने किरेन रिजिजू के बयान पर आपत्ति जताते हुए अपनी बात शुरू की। उन्होंने मंत्री के बयान को गुमराह करने वाला बताया। उन्होंने इसे संविधान की मूल भावना पर आक्रमण करने वाला बिल बताया। गोगोई ने कहा, ‘मंत्री ने 2013 में यूपीए सरकार के विषय में जो कहा, वह पूरा का पूरा मिसलीड करने वाला बयान है, झूठ है। इन्होंने जो आरोप लगाए हैं और भ्रम फैलाया है, वो बेबुनियाद है।‘

उन्होंने कहा, ‘मेरा भी सौभाग्य है कि पिछले सदन में मैंने अयोध्या राम मंदिर पर अपनी पार्टी का पक्ष रखा। आज वक्फ बिल पर विपक्ष की तरफ से अपना पक्ष रख रहा हूं। दोनों मामलों में एक ही मार्गदर्शक भारत का संविधान है। हमारा संविधान कहता है कि सभी को सामाजिक, धार्मकि और राजनीतिक न्याय और समानता मिले। यह बिल संविधान के मूल ढांचे पर आक्रमण है। मंत्री किरेन रिजिजू का पूरा भाषण संघीय ढांचे पर आक्रमण है।‘

सरकार के चार मकसद
इसके साथ ही उन्होंने चार मकसद भी बताए। कहा, ‘इस सरकार के चार मकसद हैं। संविधान को कमजोर करना, भ्रम फैलाना और अल्पसंख्यकों को बदनाम करना, भारतीय समाज को बांटना और चौथा मकसद अल्पसंख्यकों को डिसएन्फ्रेंचाइज करना। कुछ हफ्ते पहले देश में लोगों ने ईद की शुभकामनाएं दीं। इनकी डबल इंजन सरकार ने लोगों को सड़क पर नमाज नहीं पढ़ने दी।‘

गौरव गोगोई ने सरकार की मंशा पर खड़े किए सवाल 
गौरव गोगोई ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा, ‘आज एक विशेष समाज की जमीन पर सरकार की नजर है, कल समाज के दूसरे अल्पसंख्यकों की जमीन पर इनकी नजर जाएगी। संशोधन की जरूरत है। मैं यह नहीं कहता कि संशोधन नहीं होना चाहिए। संशोधन ऐसा होना चाहिए कि बिल ताकतवर बने। इनके संशोधनों से समस्याएं और विवाद बढ़ेंगे। ये चाहते हैं कि देश के कोने-कोने में केस चले। ये देश में भाईचारे का वातावरण तोड़ना चाहते हैं। बोर्ड राज्य सरकार की अनुमति से कुछ नियम बना सकते हैं। ये पूरी तरह से उसे हटाना चाहते हैं। राज्य सरकार की पावर खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं। नियम बनाने की ताकत राज्य सरकार को है। राज्य सरकार सर्वे कमिश्नर के पक्ष में नियम बना सकती है। आप सब हटाना चाहते हैं और कह रहे हैं कि ये संशोधन हैं।‘

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