नेशनल डेस्क: उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में कोटद्वार की अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने अपना फैसला सुनाया है। अदालत ने तीनों आरोपियों- पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को दोषी करार दिया है। इन तीनों पर 302, 201, 354, धाराओं में दोष सिद्ध हुआ है। कोर्ट ने इन तीनों आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही 50-50 हजार रुपए का अर्थ दंड और पीड़ित परिवार को 4 लाख का मुआवजा देने का फैसला सुनाया है।
यह मामला 2022 में हुई 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की हत्या से जुड़ा हुआ है, जो ऋषिकेश के पास वंतारा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करती थी। पूरे देश की नजरें इस मामले के कोर्ट फैसले पर थीं। इस दौरान सुरक्षा के मद्देनजर अदालत परिसर के 200 मीटर के दायरे को पुलिस ने सील कर दिया था। सिर्फ केस से जुड़े लोग और जरूरी स्टाफ को अंदर जाने की अनुमति थी। इलाके में भारी पुलिस बल तैनात था।
हत्या की घटना
सितंबर 2022 में अंकिता की अचानक गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। 24 सितंबर को उसका शव ऋषिकेश के पास स्थित चीला नहर से बरामद किया गया था। शुरुआती जांच में यह सामने आया कि रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और उसके दो कर्मचारियों, अंकित गुप्ता और सौरभ भास्कर ने अंकिता की हत्या की थी। माना जाता है कि रिजॉर्ट में एक वीआईपी अतिथि को “एक्स्ट्रा सर्विस” देने के लिए अंकिता से दबाव डाला गया था, लेकिन उसने इसका विरोध किया। इसी कारण से विवाद हुआ और अंततः अंकिता को नहर में धक्का देकर उसकी हत्या कर दी गई।
आरोपी और आरोप
मुख्य आरोपी पुलकित आर्य पर IPC की धारा 302 (हत्या), 201 (साक्ष्य मिटाना), 354A (छेड़छाड़) और अनैतिक देह व्यापार निवारण अधिनियम के तहत आरोप लगाए गए हैं। इस मामले की जांच के लिए SIT (विशेष जांच दल) बनाई गई थी, जिसने 500 से ज्यादा पन्नों की चार्जशीट दाखिल की। इसमें 97 गवाहों को नामित किया गया था, जिनमें से अभियोजन पक्ष ने 47 गवाहों को पेश किया था। इस हत्या के बाद से महिलाओं की सुरक्षा और उनके सम्मान को लेकर कई सवाल उठे थे, और यह मामला पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया था।
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