नेशनल डेस्क: कांग्रेस नेता और छत्तीसगढ़ के प्रभारी सचिन पायलट ने मंगलवार को ऐलान किया कि पार्टी पूरे राज्य में बड़े स्तर पर “वोट चोर, गद्दी छोड़” अभियान चलाएगी। उन्होंने कहा कि यह अभियान लंबे समय तक चलेगा और इसके जरिए भाजपा सरकार पर दबाव बनाया जाएगा ताकि जनता की आवाज़ सुनी जा सके।
बिलासपुर में एक रैली को संबोधित करते हुए पायलट ने कहा, “हम पूरे छत्तीसगढ़ में इस अभियान को आगे बढ़ाएँगे। लोगों को जागरूक करेंगे और सरकार को मजबूर करेंगे कि वह जनता के सवालों का जवाब दे।” इससे पहले, बिहार में भी कांग्रेस ने ‘वोट चोरी’ के खिलाफ बड़ा आंदोलन किया था। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 16 दिनों की यात्रा की थी। इस यात्रा का मकसद भाजपा पर लगे कथित वोट चोरी और चुनाव आयोग की मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोपों को जनता तक पहुंचाना था। यह यात्रा पटना में सोमवार को खत्म हुई।
यह यात्रा 17 अगस्त को सासाराम से शुरू हुई थी। राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव ने मिलकर इसकी शुरुआत की। यात्रा 25 जिलों से होकर गुज़री और औरंगाबाद, गया, सीवान जैसे कई बड़े इलाकों तक पहुंची। अंतिम दिन पटना में रैली में कई बड़े नेता शामिल हुए, जिनमें टीएमसी नेता यूसुफ पठान और ललितेश पति त्रिपाठी, शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, भाकपा (माले) महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन।
इसके अलावा, कर्नाटक के सिद्धारमैया, हिमाचल प्रदेश के सुखविंदर सुखू और तेलंगाना के रेवंत रेड्डी समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी इसमें जुड़े। कुल मिलाकर, इस यात्रा में इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने 110 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया, 1,300 किलोमीटर की दूरी तय की और बड़ी संख्या में जनता से मुलाकात की। अब कांग्रेस इसी तरह का आंदोलन छत्तीसगढ़ में शुरू करने जा रही है, जिसकी अगुवाई सचिन पायलट करेंगे।
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