नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को फिर से यह दावा किया कि पिछले विधानसभा चुनावों में बड़े पैमाने पर वोट चोरी हुई थी। उन्होंने कहा कि उनके पास इसके “ठोस और विस्फोटक सबूत” हैं, जो जल्द ही जनता को दिखाए जाएंगे।
राहुल गांधी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “हम आपके सामने ठोस और विस्फोटक सबूत पेश करने जा रहे हैं। ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ का नारा पूरे देश में गूंज रहा है। यह सच है कि वोट चुराकर सरकारें बनाई जा रही हैं। हम गारंटी देते हैं कि हम आपको सबूत देंगे। जो भाजपा वाले भड़क रहे हैं, मैं उनसे कहना चाहता हूं, भड़कें नहीं, जब हाइड्रोजन बम गिरेगा तो सब साफ हो जाएगा।” 7 अगस्त को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी राहुल गांधी ने चुनाव आयोग (ECI) पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि चुनाव आयोग खुद इस गड़बड़ी में शामिल रहा है और कांग्रेस के पास इसका स्पष्ट प्रमाण है।
#WATCH | Raebareli | Lok Sabha LoP and Congress MP Rahul Gandhi says, “We are going to present dynamic, explosive proofs to you. The slogan ‘Vote chor, gaddi chhor’ is reverberating across the nation. It is a fact that governments are being formed by stealing votes. We guarantee… pic.twitter.com/GIjqJhfi18
— ANI (@ANI) September 11, 2025
कर्नाटक के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र का उदाहरण देते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि वहां 1,00,250 वोट चोरी किए गए। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा और चुनाव आयोग की मिलीभगत से ही नरेंद्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री बने। राहुल गांधी ने चुनावों को “कोरियोग्राफ्ड” (यानी पहले से तय और साजिशन तैयार किए गए) बताया।
आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राहुल गांधी ने बिहार में 16 दिन लंबी ‘मतदाता अधिकार यात्रा’ भी निकाली। इस यात्रा में राजद नेता तेजस्वी यादव भी उनके साथ थे। यह यात्रा 20 जिलों से होकर गुज़री। लगभग 1,300 किलोमीटर की दूरी तय की गई। 1 सितंबर को यात्रा खत्म हुई। इस यात्रा का मकसद था लोगों को मतदाता सूची में हो रही गड़बड़ियों और कथित वोट चोरी के बारे में जागरूक करना।

बिहार के मधुबनी में राहुल गांधी ने कहा था कि भाजपा की वोट चोरी की शुरुआत गुजरात से हुई थी, और 2014 के बाद यह पूरे देश में फैल गई। रायबरेली में रहते हुए उन्होंने एनटीपीसी (फिरोज गांधी ऊंचाहार ताप विद्युत केंद्र) के कर्मचारियों और स्थानीय लोगों से भी मुलाकात की।