नेशनल डेस्क : बिहार में साल 2025 के अंत में विधानसभा का चुनाव होना है। वहीं देखें तो कुछ दिन पहले ही बीजेपी के 7 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली है। अगर बात करें बिहार में कुल कैबिनेट मंत्रियों की तो इनकी संख्या बढ़कर 36 हो गई। वहीं अब बीजेपी के अध्यक्ष ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि सीएम का चेहरा कौन होगा, इसका फैसला बीजेपी के संसदीय बोर्ड और एनडीए के घटक दल मिलकर तय करेंगे। इस बात से पूरे बिहार की राजनीति में घमासान मचा हुआ है। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…
नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ा जाएगा
दरअसल, बिहार में आगामी चुनाव को लेकर मुख्यमंत्री (सीएम) के चेहरे को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। बीजेपी के अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने साफ कहा है कि सीएम का चेहरा कौन होगा, इसका निर्णय बीजेपी का संसदीय बोर्ड और एनडीए के घटक दल मिलकर करेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ा जाएगा, लेकिन सीएम के पद पर निर्णय एनडीए के गठबंधन के साथी दलों द्वारा लिया जाएगा।
दिलीप जायसवाल का बयान
हालांकि, दिलीप जायसवाल ने सीएम चेहरे को लेकर कहा, “यह तय है कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही चुनाव लड़ा जाएगा। लेकिन सीएम का चेहरा कौन होगा, यह बीजेपी का संसदीय बोर्ड और एनडीए के अन्य घटक दल मिलकर फैसला करेंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि इस पर कोई जल्दबाजी नहीं है और इसे ऊपर वाला भगवान ही तय करेगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव पर भी टिप्पणी की और कहा, “तेजस्वी यादव के पास काम नहीं है, इसलिए वे केवल निशांत कुमार के बारे में बात कर रहे हैं।” दिलीप जायसवाल का यह बयान नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार द्वारा की गई उस टिप्पणी के बाद आया है, जिसमें उन्होंने उम्मीद जताई थी कि एनडीए नीतीश कुमार को सीएम पद का उम्मीदवार घोषित करेगा।
निशांत कुमार का बयान
आपको बता दें कि निशांत कुमार ने हाल ही में अपनी मां मंजू सिन्हा की जयंती पर एक कार्यक्रम में कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि एनडीए नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी बिहार चुनाव में जेडीयू का प्रदर्शन अच्छा रहेगा और नीतीश कुमार फिर से सत्ता में वापस आएंगे। निशांत का यह बयान उनके राजनीति में भविष्य को लेकर कई सवालों को जन्म दे रहा है। वहीं निशांत कुमार, जो सियासत में आकर अपने पिता नीतीश कुमार की विरासत को आगे बढ़ाने का संकेत दे रहे हैं, उन्होंने अपने विचारों को खुले तौर पर व्यक्त किया है। वह अपने पिता के नेतृत्व में बिहार के कामकाज पर बात करते हुए राजनीति में अपनी एंट्री की संभावना को टालते हुए ‘अरे छोड़िए’ कहकर किसी भी प्रकार का बयान देने से बचते हैं।
राजनीति में कदम रखने की स्थिति
निशांत कुमार अभी राजनीति में पूरी तरह से सक्रिय नहीं हुए हैं, लेकिन उनका कहना है कि वह कभी भी राजनीति में आ सकते हैं। हालांकि, उन्होंने इस बारे में ज्यादा खुलकर कुछ नहीं कहा। इसका मतलब यह है कि वह अभी अपनी राजनीति में आने के बारे में पूरी तरह से आश्वस्त नहीं हैं। निशांत कुमार के सियासी डेब्यू को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। वह राजनीति में आने के बहुत करीब हैं, लेकिन अभी भी अपने कदम नहीं बढ़ा रहे। इसके पीछे कई वजह हो सकती हैं।