Last Updated: September 21, 2026

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CM नीतीश कुमार ने MLC पद से दिया इस्तीफा, जानें अब बिहार में कौन बनेगा मुख्यमंत्री

March 30, 2026

CM नीतीश कुमार ने MLC पद से दिया इस्तीफा, जानें अब बिहार में कौन बनेगा मुख्यमंत्री

नेशनल डेस्कः बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने एमएलसी (विधान परिषद सदस्य) पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने यह फैसला इसलिए लिया क्योंकि 16 मार्च को उन्हें राज्यसभा के लिए चुना गया था। नियम के अनुसार, किसी भी व्यक्ति को एक साथ दो पद नहीं रखने होते,  इसलिए 14 दिनों के भीतर उन्हें एमएलसी पद छोड़ना जरूरी था। आज इस समय सीमा का आखिरी दिन था, इसलिए उन्होंने इस्तीफा दे दिया।

क्या नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद भी छोड़ेंगे?
अब यह संभावना जताई जा रही है कि नीतीश कुमार राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने के बाद मुख्यमंत्री पद से भी इस्तीफा दे सकते हैं। अगर ऐसा होता है, तो बिहार की राजनीति में एक नया बदलाव देखने को मिलेगा।

 

बिहार में नई राजनीतिक शुरुआत
साल 2005 में जब एनडीए (NDA) ने पहली बार बिहार में सरकार बनाई थी, तब से बीजेपी हमेशा दूसरे नंबर की भूमिका में रही है। लेकिन अब पहली बार ऐसा लग रहा है कि बीजेपी मुख्य भूमिका में आ सकती है और मुख्यमंत्री पद उसके पास जा सकता है। नीतीश कुमार का राज्यसभा कार्यकाल 10 अप्रैल से शुरू होगा। उससे पहले ही नए मुख्यमंत्री के चयन और सरकार गठन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो सकती हैं।

मुख्यमंत्री पद की रेस में कौन आगे?
अभी तक बीजेपी या जेडीयू (JDU) की तरफ से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है कि अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। लेकिन दोनों पार्टियों के नेताओं के संकेत बताते हैं कि इस बार बीजेपी का ही कोई नेता मुख्यमंत्री बन सकता है।

सम्राट चौधरी सबसे आगे
बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री पद का सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। इसके पीछे कई कारण हैं। 2017 में बीजेपी में शामिल होने के बाद उनका तेजी से उभार हुआ है। वे कुशवाहा समुदाय के एक बड़े नेता बनकर उभरे हैं। कुशवाहा समुदाय की आबादी लगभग 4.27% से ज्यादा है। बिहार में अब तक यादव और कुर्मी समुदाय से मुख्यमंत्री बन चुके हैं, ऐसे में अब कुशवाहा समुदाय को मौका मिल सकता है

नित्यानंद राय भी एक विकल्प
केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय का नाम भी मुख्यमंत्री पद के लिए चर्चा में है। वे बीजेपी के पुराने और भरोसेमंद नेता माने जाते हैं। हालांकि, वे यादव समुदाय से आते हैं, जो आमतौर पर आरजेडी (RJD) का समर्थक माना जाता है। यह उनके लिए एक चुनौती हो सकती है। लेकिन उनके समर्थकों का कहना है कि अगर उन्हें मौका मिलता है, तो बीजेपी यादव समुदाय के साथ अपने रिश्ते बेहतर कर सकती है।

आगे क्या हो सकता है?
बीजेपी अक्सर ऐसे फैसले लेती है जो लोगों को चौंका देते हैं। इसलिए जब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं होती, तब तक मुख्यमंत्री पद को लेकर अटकलें जारी रहेंगी। कुल मिलाकर, नीतीश कुमार के इस्तीफे के साथ बिहार की राजनीति एक नए दौर में प्रवेश कर रही है, जहां सत्ता का संतुलन बदल सकता है।

 

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