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एयर इंडिया पेशाब मामला: सुप्रीम कोर्ट ने दिशा-निर्देश संबंधी याचिका पर नोटिस जारी किया

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट सोमवार को एयर इंडिया पेशाब मामले में पीड़िता की उस याचिका पर विचार करने पर सहमत हो गया, जिसमें नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) और एयरलाइन कंपनियों को ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए नियम बनाने का निर्देश देने की मांग की गई है। याचिका में ‘अनियंत्रित/विघटनकारी व्यवहार’ के संबंध में स्पष्ट शून्य सहिष्णुता की नीति पर जोर दिया गया है, जो इसे कानून प्रवर्तन को रिपोर्ट करना अनिवार्य कर सकता है, जिसमें विफल होने पर सभी मामलों में एयरलाइनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

प्रधान न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा और जेबी पारदीवाला की पीठ ने केंद्र, डीजीसीए और एयर इंडिया सहित सभी एयरलाइंस को नोटिस जारी किया।पीठ ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की सहायता मांगी। उन्होंने मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की। मामले की अगली सुनवाई जुलाई में होनी तय की गई।याचिकाकर्ता ने शीर्ष अदालत से यह भी अनुरोध किया है कि 72 वर्षीय पीड़िता और अपराधी की शर्मिदगी को ध्यान में रखते हुए मीडिया को आपराधिक कार्यवाही पर रिपोर्टिग करने से रोकने का निर्देश दिया जाए।

याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि फ्लाइट में एक अनियंत्रित यात्री द्वारा याचिकाकर्ता पर पेशाब किए जाने के बाद डीजीसीए के साथ एयर इंडिया, याचिकाकर्ता की देखभाल और जिम्मेदारी भरा व्यवहार करने में विफल रही है।याचिका में कहा गया है कि अनुमानों पर आधारित व्यापक राष्ट्रीय प्रेस रिपोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत पीड़िता के रूप में याचिकाकर्ता के अधिकार को कम कर दिया है और अभियुक्त के अधिकारों को भी प्रभावित किया है।याचिका में कहा गया है कि दुनियाभर में अनियंत्रित यात्री द्वारा र्दुव्‍यवहार की घटनाओं में तेजी से वृद्धि हुई है। इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (आईएटीए) ने दिसंबर 2022 में एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी, जिसमें सरकारों से अनियंत्रित यात्रियों की पहचान करने और उन्हें संभालने के बारे में व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह किया गया था।

याचिका में तर्क दिया गया है कि अधिकारियों को यात्रियों और एयरलाइन कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए भारतीय वाहकों की अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों पर शराब नीति पर दिशानिर्देश तैयार करने चाहिए, जिसमें यात्र की श्रेणी के आधार पर बिना किसी भेदभाव के शराब की मात्र पर सीमा निर्धारित करना शामिल है।26 नवंबर 2022 की घटना के लिए आरोपी शंकर मिश्र को 6 जनवरी को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया गया था। दिल्ली पुलिस ने बिजनेस क्लास में यात्र कर रही महिला से पेशाब करने के मामले में मिश्र के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं और एयरक्राफ्ट एक्ट की धारा 23 के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। आरोपी को बाद में जमानत मिल गई थी।

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