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अकासा एयर के को-फाउंडर प्रवीण अय्यर ने दिया इस्तीफा, अब आनंद श्रीनिवासन संभालेंगे जिम्मेदारी

Akasa Air co-founder Praveen Iyer

Akasa Air co-founder Praveen Iyer

नेशनल डेस्क: देश के एविएशन सेक्टर से एक अहम खबर सामने आई है। अकासा एयर के को-फाउंडर और चीफ कमर्शियल ऑफिसर (CCO) प्रवीण अय्यर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। करीब तीन साल पुरानी इस एयरलाइन के लिए यह दूसरा बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि इससे पहले भी कंपनी की एक अन्य सह-संस्थापक संगठन छोड़ चुकी हैं।

अहम जिम्मेदारियां संभाल रहे थे अय्यर

प्रवीण अय्यर अकासा एयर की शुरुआती टीम का महत्वपूर्ण हिस्सा थे। वे कंपनी की एग्जीक्यूटिव कमिटी में भी शामिल थे और रेवेन्यू मैनेजमेंट, नेटवर्क प्लानिंग और सेल्स जैसे अहम विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। ऐसे में उनका जाना कंपनी के लिए रणनीतिक स्तर पर बड़ा बदलाव माना जा रहा है। हालांकि, उनके इस्तीफे को लेकर अभी तक कंपनी की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

नया कमर्शियल हेड नियुक्त

अय्यर के इस्तीफे के बाद कंपनी ने तुरंत प्रभाव से अपने मौजूदा चीफ इंफॉर्मेशन ऑफिसर (CIO) आनंद श्रीनिवासन को कमर्शियल हेड की जिम्मेदारी सौंप दी है। अब वे एयरलाइन के राजस्व, नेटवर्क विस्तार और बिक्री से जुड़े फैसले संभालेंगे।

पहले भी हो चुका है हाई-प्रोफाइल एग्जिट

यह पहली बार नहीं है जब अकासा एयर के शीर्ष प्रबंधन में बदलाव हुआ हो। पिछले साल कंपनी की एक और को-फाउंडर नीलू खत्री ने भी पद छोड़ दिया था, जो अंतरराष्ट्रीय परिचालन की प्रमुख थीं। अगस्त 2022 में शुरू हुई इस एयरलाइन को अभी तीन साल भी पूरे नहीं हुए हैं। ऐसे में को-फाउंडर स्तर के दो अधिकारियों का जाना कॉर्पोरेट स्थिरता के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

विस्तार योजनाओं के बीच आया इस्तीफा

प्रवीण अय्यर का इस्तीफा ऐसे समय पर आया है, जब अकासा एयर अपनी विस्तार योजनाओं को दोबारा रफ्तार देने की कोशिश कर रही है। दरअसल, विमान निर्माता कंपनी बोइंग से विमानों की डिलीवरी में देरी के कारण एयरलाइन की ग्रोथ कुछ समय के लिए धीमी पड़ गई थी।

मौजूदा स्थिति और आगे की योजना

मार्केट शेयर: घरेलू बाजार में अकासा एयर की हिस्सेदारी फिलहाल करीब 5 प्रतिशत है।

फ्लीट विस्तार: कंपनी ने इस साल अब तक तीन नए विमान अपने बेड़े में शामिल किए हैं। साल के अंत तक करीब 12 और विमान जोड़ने की योजना है।

फंडिंग सपोर्ट: एयरलाइन को दिवंगत निवेशक राकेश झुनझुनवाला के परिवार का समर्थन प्राप्त है। इसके अलावा अगस्त 2025 में कंपनी ने अजीम प्रेमजी और रंजन पई के फैमिली ऑफिस से नई पूंजी जुटाई थी।

आगे की चुनौतियां

नए कमर्शियल हेड आनंद श्रीनिवासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती समय पर विमानों की डिलीवरी सुनिश्चित करना और बाजार में कंपनी की हिस्सेदारी बढ़ाना होगी। साथ ही तेजी से प्रतिस्पर्धा वाले एविएशन सेक्टर में अपनी स्थिति मजबूत रखना भी अहम रहेगा।

बाजार की नजर

निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों की नजर इस बात पर टिकी रहेगी कि शीर्ष स्तर पर हुए ये बदलाव कंपनी की आक्रामक विस्तार रणनीति पर कितना असर डालते हैं। कुल मिलाकर प्रवीण अय्यर का इस्तीफा अकासा एयर के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है। हालांकि, हालिया फंडिंग और नए नेतृत्व की नियुक्ति से यह संकेत मिलता है कि कंपनी अपनी योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है। आने वाले महीनों में नए विमानों की डिलीवरी और बाजार में प्रदर्शन से कंपनी की दिशा स्पष्ट होगी।

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