नई दिल्ली: मैक्रोटेक डेवलपर्स (लोढ़ा) ने वित्तीय वर्ष 2024-25 की मार्च तिमाही में उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए अपना शुद्ध कर्ज सात प्रतिशत घटाकर लगभग 4,000 करोड़ रुपये कर लिया है। यह गिरावट मुख्य रूप से बेहतर आवासीय बिक्री और ग्राहकों से प्रभावी धन संग्रह के कारण संभव हो पाई है।
-मार्च 2025 के अंत में घटा कर्ज
कंपनी की हालिया परिचालन रिपोर्ट के अनुसार, दिसंबर 2024 के अंत में जहां उसका शुद्ध कर्ज 4,300 करोड़ रुपये से अधिक था, वहीं मार्च 2025 के अंत तक यह घटकर 3,990 करोड़ रुपये रह गया। खास बात यह है कि यह उपलब्धि ऐसे समय में हासिल हुई है जब कंपनी ने भविष्य की परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण पर भी महत्वपूर्ण निवेश किया।
-बिक्री बुकिंग में दर्ज हुई बढ़ोतरी
मैक्रोटेक डेवलपर्स ने बीते वित्त वर्ष के दौरान अपनी बिक्री बुकिंग में 21 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की, जो बढ़कर 17,630 करोड़ रुपये हो गई, जबकि पिछले वर्ष यह आंकड़ा 14,520 करोड़ रुपये था। साथ ही, ग्राहकों से प्राप्त संग्रह में भी 29 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई, जो 11,260 करोड़ रुपये से बढ़कर 14,490 करोड़ रुपये पहुंच गया।
-बेंगलुरु और पुणे जैसे शहरों में हुआ अधिग्रहण
मजबूत नकदी प्रवाह के बलबूते कंपनी ने MMR (मुंबई महानगर क्षेत्र), बेंगलुरु और पुणे जैसे प्रमुख शहरों में कुल 10 भूखंडों का अधिग्रहण किया, जिससे भविष्य की आवासीय परियोजनाओं के लिए मजबूत आधार तैयार हुआ है। मैक्रोटेक की रणनीति में सीधे भूमि खरीदने के साथ-साथ भूस्वामियों के साथ साझेदारी मॉडल भी शामिल है, जिससे लचीलापन और लागत प्रबंधन संभव हो पाता है। यह प्रदर्शन न केवल कंपनी की वित्तीय सुदृढ़ता को दर्शाता है, बल्कि भारतीय रियल एस्टेट बाजार में उपभोक्ता विश्वास और मांग में निरंतर वृद्धि का भी संकेत देता है।
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