वाशिंगटन : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास के साथ यहां अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) विश्व बैंक वंसत बैठक के दौरान वैश्विक अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संरचना पर आयोजित जी 20 एफएमसीबीजी के बैठक के पहले दिन की सह अध्यक्षता की।
वित्त मंत्रालय ने ट्वीट के माध्यम से यह जानकारी दी। वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों(एफएमसीबीजी) की बैठक जी20 नेताओं के 2023 में होने वाले शिखर सम्मेलन की तैयारियों के तहत मंत्रिस्तरीय बैठकों में से एक है।
बैठक के दौरान वित्त मंत्री ने कहा कि वैश्विक ऋण संकट का समाधान वैश्विक गरीबी की चुनौती को जल्द से जल्द निपटाने में निहित है। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं होने से ऋणग्रस्त देशों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है क्योंकि दुनिया के सबसे गरीब लोग इन्हीं देशों में रहते हैं। इस बैठक में वैश्विक आर्थिक परिदृष्य के समक्ष मौजूद प्रमुख चुनौतियों पर चर्चा की गई और वैश्विक मुद्दों पर नीति समन्वय के संभावित क्षेत्रों का पता लगाने की कोशिश की गई। इसके अलावा भारत की जी 20 भारत की अध्यक्षता के दौरान परिकल्पित कार्यों पर प्रगति में तेजी लाने पर विचारों का आदान-प्रदान किया गया। वैश्विक संप्रभु ऋण गोलमेज बैठक के बारे में श्रीमती सीतारमण ने बढ़ती ऋण कमजोरियों को दूर करने के लिए जी 20 की भारतीय अध्यक्षता के हिस्से के रुप में भारत की प्रतिबद्धता पर जोर दिया और आईएमएफ तथा विश्व बैंक से इस एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए साझेदारी का स्वागत किया।
