नई दिल्ली: केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को सऊदी अरब के निवेश मंत्री खालिद अल-फलीह और उनके प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। गोयल ने कहा कि भारत-सऊदी अरब की साझेदारी आपसी विश्वास और साझा समृद्धि पर आधारित है और लगातार मजबूत हो रही है।
यह भी पड़े – ऑर्गेनिक खेती और आधुनिक तकनीक से बिहार में आएगा विकास
उन्होंने दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को मजबूत करने, टेक्नोलॉजी, ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर और स्टार्टअप सहित अन्य क्षेत्रों में व्यापार और निवेश बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। इस बैठक में द्विपक्षीय सहयोग को और आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
सांस्कृतिक संबंधों के क्षेत्र में भी दोनों देशों ने पहल की है। हाल ही में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत और सऊदी संस्कृति मंत्री प्रिंस बदर बिन अब्दुल्ला बिन फरहान अल सऊद ने रियाद में सांस्कृतिक सहयोग पर द्विपक्षीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इसका उद्देश्य कला, विरासत, संगीत और साहित्य सहित विभिन्न सांस्कृतिक क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देना है। यह समझौता सांस्कृतिक आदान-प्रदान, नियामक और नीतिगत अनुभव साझा करने, त्योहारों और आयोजनों में भागीदारी को सुगम बनाने और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को प्रोत्साहित करता है।
केंद्र के अनुसार, सऊदी अरब भारत का चौथा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और भारत सऊदी अरब का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। वर्ष 2024-25 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 41.88 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया, जिसमें रसायन और पेट्रोकेमिकल्स का योगदान 4.5 अरब अमेरिकी डॉलर है।
पीयूष गोयल ने विश्वास जताया कि भारत और सऊदी अरब के बीच आर्थिक और सांस्कृतिक सहयोग भविष्य में और अधिक मजबूत होगा।

