नई दिल्ली : विश्व आर्थिक मंच यानी वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (डब्ल्यूईएफ) की चीफ इकोनॉमिस्ट्स आऊटलुक रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 6.7% की अनुमानित जीडीपी वृद्धि के साथ भारत प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे मजबूत विकास संभावनाओं वाला देश बना हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, घरेलू मांग की मजबूती भारतीय अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत बनी हुई है। रिपोर्ट के लिए सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के 92 मुख्य अर्थशास्त्रियों से राय ली गई।
रिपोर्ट के अनुसार, 74% मुख्य अर्थशास्त्री भारत में मजबूत या बहुत मजबूत आर्थिक वृद्धि की उम्मीद कर रहे हैं, जबकि मई में यह आंकड़ा 52 प्रतिशत था। 98% विशेषज्ञों का मानना है कि 12 महीनों में भारत की वृद्धि दर कम से कम मध्यम या उससे बेहतर रहेगी। रोजगार के मोर्चे पर रिपोर्ट में कहा कि 70% अर्थशास्त्रियों को अगले एक वर्ष में बेरोजगारी दर में कोई बड़ा बदलाव नहीं दिखाई देता, हालांकि 17% विशेषज्ञों को बेरोजगारी बढ़ने और 13 प्रतिशत को इसमें कमी आने की उम्मीद है।
आंकड़ों के मुताबिक, 15 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग की बेरोजगारी दर जुलाई के 5.1% से घटकर अगस्त में 5% पर आ गई। इसी अवधि में श्रम बल भागीदारी दर 55.4% से बढ़कर 55.6% हो गई। महंगाई के मोर्चे पर भी स्थिति कुछ बेहतर हुई है। 55% अर्थशास्त्रियों को अगले 12 महीनों में मध्यम महंगाई की उम्मीद है, जबकि 45% उच्च महंगाई की संभावना जता रहे हैं। मई में 61% विशेषज्ञ उच्च या बहुत उच्च महंगाई की आशंका जता रहे थे।
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