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Meesho पर इनकम टैक्स का झटका, 10% तक गिरा शेयर; आगे क्या करें निवेशक?

Meesho faces income tax shock

Meesho faces income tax shock

बेंगलुरु: ई-कॉमर्स कंपनी मीशो के शेयरों में 9 मार्च 2026 को भारी गिरावट देखने को मिली। BSE पर कंपनी का शेयर 10% तक लुढ़कते हुए ₹143.20 के निचले स्तर पर पहुंच गया। विशेषज्ञों के अनुसार, इस गिरावट के पीछे दो मुख्य कारण हैं इनकम टैक्स विभाग की बड़ी डिमांड और शेयरहोल्डर्स के लॉक-इन पीरियड का खत्म होना।

टैक्स डिमांड से बढ़ा दबाव

कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को बताया कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के असेसमेंट यूनिट ने वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए लगभग ₹1,499.73 करोड़ की टैक्स डिमांड नोटिस जारी की है। इसमें ब्याज भी शामिल है। यह नोटिस सेक्शन 143(3) और सेक्शन 156 के तहत आई है।

मीशो ने कहा कि वह इस ऑर्डर से असहमत है और इसमें कुछ ऑब्ज़र्वेशन्स और एडजस्टमेंट्स पर आपत्ति है। कंपनी ने दावा किया कि उसके पास कानूनी और तथ्यात्मक आधार मजबूत हैं और वह इस डिमांड को कोर्ट या अपील में चुनौती देगी। कंपनी का कहना है कि यह नोटिस उसके वित्तीय स्थिति, व्यवसायिक गतिविधियों या संचालन पर कोई बड़ा नकारात्मक असर नहीं डालेगा।

यह पहली बार नहीं है जब मीशो को टैक्स नोटिस मिला है। पहले भी वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए ₹572 करोड़ की डिमांड आई थी, जिस पर कर्नाटक हाई कोर्ट ने अप्रैल 2025 में रोक लगा दी थी। मीशो का कहना है कि वह नए नोटिस के खिलाफ भी वैध तरीके से लड़ रही है।

लॉक-इन पीरियड खत्म होने का असर

दूसरी वजह शेयरहोल्डर लॉक-इन पीरियड का खत्म होना है। मीशो दिसंबर 2025 में IPO के जरिए लिस्ट हुई थी। कुछ शेयरहोल्डर्स पर लगाए गए लॉक-इन पीरियड का आज समापन हुआ, जिससे लगभग 10.99 करोड़ शेयर ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध हो गए। यह कंपनी की कुल इक्विटी का लगभग 2% है। बाजार में ज्यादा सप्लाई आने से बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है, हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि सभी शेयर बेचे जाएंगे।

शेयर पर असर और भविष्य

IPO प्राइस ₹111 के मुकाबले मीशो का शेयर अभी भी लगभग 22-23% ऊपर है, लेकिन पोस्ट-लिस्टिंग हाई ₹254 से 44% नीचे है। 2026 में अब तक शेयर 21% गिर चुका है। कंपनी की मार्केट कैप लगभग ₹64,700 करोड़ है। निवेशक अब टैक्स केस की आगे की सुनवाई, कंपनी की अपील और बाजार के मूड पर नजर रख रहे हैं।

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निवेशकों के लिए क्या संकेत

विश्लेषकों का मानना है कि भारत में ई-कॉमर्स तेजी से बढ़ रहा है और मीशो की मजबूत मार्केट पोजिशन कंपनी की कमाई को आगे बढ़ा सकती है। लेकिन मुनाफे तक पहुँचने में अभी चुनौती बनी हुई है और अनुमान है कि कंपनी FY2028 तक ही ब्रेक-ईवन पर पहुँच पाएगी। चल रहे टैक्स विवाद और शेयर लॉक-इन खत्म होने से शेयर पर दबाव बना रह सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, मीशो की शेयर रिकवरी इस बात पर निर्भर करेगी कि कंपनी कानूनी चुनौतियों का सामना कैसे करती है और अपने मुनाफे के स्पष्ट रास्ते को निवेशकों के सामने कैसे पेश करती है।

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