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Middle East War Impact: मिडिल ईस्ट से आती हैं ये जरूरी चीजें, कमी होने पर बढ़ जाएंगे दाम!

Middle East War Impact

Middle East War Impact

Middle East War Impact: पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में गहराता युद्ध केवल स्थानीय सीमा संघर्ष नहीं है, बल्कि इसका असर सीधे भारत के आम नागरिकों तक पहुंच रहा है। दरअसल भारत कई बुनियादी चीजों के लिए इस क्षेत्र पर निर्भर है। Iran, Israel और US के बीच बढ़ती तनावपूर्ण स्थिति के चलते न केवल ईंधन की कीमतें बढ़ेंगी, बल्कि रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं और दवाओं के दाम भी बढ़ने की संभावना है।

कच्चे तेल और गैस की कीमतों में उछाल
मिडिल ईस्ट से भारत को आने वाले कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति प्रभावित होगी। होर्मुज जलडमरूमध्य के मार्ग पर बाधा आने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम बढ़ेंगे, जिससे पेट्रोल, डीजल और सीएनजी महंगा होगा। परिवहन की लागत बढ़ने से हर तरह के सामान की कीमतों में इजाफा होगा।

ड्राई फ्रूट्स और खाने-पीने के सामान महंगे
ईरान और आसपास के देशों से भारत में आने वाले बादाम, पिस्ता और खजूर जैसी ड्राई फ्रूट्स की आपूर्ति प्रभावित होगी। त्योहार और शादी-ब्याह के सीजन में इनकी मांग अधिक होने के कारण कीमतों में तेज बढ़ोतरी संभव है।

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पैकेजिंग मटेरियल में भारी वृद्धि
बता दें कि प्लास्टिक और पैकेजिंग सामग्री की लागत में 40% तक का इजाफा आने की संभावना है। इसका असर साबुन, तेल, बिस्किट और अन्य एफएमसीजी उत्पादों की कीमतों पर भी पड़ेगा।

खेती और खाद पर संकट
यूरिया और डीएपी जैसे उर्वरकों की आपूर्ति में रुकावट से खेती की लागत बढ़ेगी। खाद समय पर न मिलने से अनाज और सब्जियों की कीमतों में वृद्धि संभव है, जिससे आम आदमी की थाली महंगी हो सकती है।

दवाएं और इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद महंगे
वहीं दवा बनाने वाले रसायनों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की सप्लाई प्रभावित होने से दवाओं और तकनीकी उपकरणों की कीमतें बढ़ सकती हैं। मेटल और केमिकल्स की कमी निर्माण क्षेत्र को भी प्रभावित करेगी, जिससे विकास की गति धीमी पड़ सकती है।

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