नई दिल्ली: अमेरिका की आईटी कंपनी Oracle को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी ने दुनियाभर में करीब 30,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। इनमें से लगभग 12,000 कर्मचारी भारत से बताए जा रहे हैं, यानी इस छंटनी का सबसे ज्यादा असर भारतीय कर्मचारियों पर पड़ा है। बताया जा रहा है कि कंपनी आने वाले समय में और भी कर्मचारियों को निकाल सकती है। हालांकि, इस पूरे मामले पर कंपनी की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
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छंटनी की वजह क्या है?
कंपनी ने अपने कर्मचारियों को भेजे ईमेल में कहा है कि वह अपने कामकाज को आसान और बेहतर बनाने के लिए कुछ बदलाव कर रही है। इसी वजह से कई पद खत्म किए जा रहे हैं, जिससे कर्मचारियों की नौकरी चली गई।
कर्मचारियों को क्या मिलेगा? (सेवरेंस पैकेज)
जिन कर्मचारियों को निकाला गया है, उन्हें कुछ आर्थिक मदद दी जाएगी। इसमें शामिल है, नौकरी खत्म होने तक की सैलरी,बची हुई छुट्टियों का पैसा (लीव इनकैशमेंट), ग्रेच्युटी (अगर लागू हो) और एक महीने की नोटिस पीरियड सैलरी। इसके अलावा, जिन कर्मचारियों ने कंपनी के साथ कम से कम 1 साल काम किया है, उन्हें 15 दिन की अतिरिक्त सैलरी भी दी जाएगी। अगर कोई कर्मचारी आपसी सहमति से इस्तीफा देता है, तो उसे 2 महीने की अतिरिक्त सैलरी का विकल्प भी दिया गया है।
भारतीय कर्मचारियों पर ज्यादा असर क्यों?
कुछ पूर्व कर्मचारियों का कहना है कि अमेरिका में सख्त लेबर कानून होने की वजह से वहां के कर्मचारियों को निकालना मुश्किल होता है। इसी कारण भारत जैसे देशों के कर्मचारियों पर छंटनी का ज्यादा असर पड़ा है। बताते चलें कि, Oracle की यह छंटनी आईटी सेक्टर के लिए चिंता की बात है। इससे यह साफ है कि कंपनियां अपने खर्च कम करने और काम को आसान बनाने के लिए बड़े फैसले ले रही हैं, जिनका सीधा असर कर्मचारियों पर पड़ रहा है।

