नई दिल्ली: वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल 28 अप्रैल से शुरू हो रही अपनी बहुप्रतीक्षित विदेश यात्रा के दौरान लंदन, ओस्लो और ब्रसेल्स का दौरा करेंगे। यह पांच दिवसीय दौरा भारत के लिए रणनीतिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य ब्रिटेन, नॉर्वे और यूरोपीय संघ के साथ व्यापार और निवेश संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है।
लंदन यात्रा के दौरान गोयल की मुलाकातें भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को अंतिम रूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। दोनों देशों के बीच वार्ताएं अब निर्णायक चरण में हैं और उम्मीद की जा रही है कि शेष मुद्दों को जल्द ही सुलझा लिया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि बातचीत अब इतने उन्नत स्तर पर है कि एक और पूर्ण वार्ता दौर की आवश्यकता नहीं पड़ सकती।
ओस्लो का दौरा भी अहम है, जहां गोयल यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) के साथ भारत के हालिया समझौते को आगे बढ़ाने पर चर्चा करेंगे। मार्च 2024 में भारत और ईएफटीए ने व्यापार और आर्थिक भागीदारी समझौते (टीईपीए) पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत भारत को अगले 15 वर्षों में 100 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता मिली है। इस समझौते के अंतर्गत स्विस घड़ियों, चॉकलेट, और पॉलिश किए गए हीरों जैसे उत्पादों पर शुल्क में भारी छूट दी गई है।
ब्रसेल्स में गोयल की वार्ता यूरोपीय संघ के साथ चल रही एफटीए चर्चा को गति देने पर केंद्रित होगी। भारत और ईयू के बीच 11वें दौर की बातचीत 12 से 16 मई के बीच प्रस्तावित है, जबकि इस साल के अंत तक प्रारंभिक समझौते पर सहमति बनने की उम्मीद जताई जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उसरुला वॉन डेर लेयेन पहले ही इस लक्ष्य पर सहमति जता चुके हैं।
पीयूष गोयल की यह यात्रा वैश्विक मंच पर भारत की आर्थिक कूटनीति को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम के रूप में देखी जा रही है, जो न केवल व्यापारिक संबंधों को प्रगाढ़ करेगी, बल्कि निवेश के नए द्वार भी खोलेगी।
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