नई दिल्ली: भारत में सिनेमा प्रदर्शक पीवीआर आईनॉक्स अब अपनी उपस्थिति को महानगरों से बाहर, छोटे और मध्यवर्ती शहरों में बढ़ाने के लिए एक नई रणनीति पर काम कर रहा है। कंपनी ने फ्रेंचाइजी स्वामित्व वाले मॉडल (एफओसीओ) को अपनाने का फैसला लिया है, जो उसे टियर-2 और टियर-3 शहरों में तेजी से विस्तार करने में मदद करेगा। इस योजना के तहत, पीवीआर आईनॉक्स स्थानीय निवेशकों को अपनी विशेषज्ञता प्रदान करेगा, ताकि वे सिनेमा हॉल के डिज़ाइन, विकास, और संचालन में मदद कर सकें।
-CEO Pramod Arora ने इस योजना के बारे में दी जानकारी
पीवीआर आईनॉक्स के सीईओ प्रमोद अरोड़ा ने इस योजना के बारे में बताया कि कंपनी अपनी किफायती लक्जरी फिल्म प्रदर्शनी को बढ़ावा देने के लिए गंभीर प्रयास कर रही है। उनका कहना है, “हम देशभर में सिनेमा की बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करने का प्रयास कर रहे हैं, ताकि स्थानीय फिल्म निर्माताओं और कलाकारों को भी अवसर मिल सके।”
हाल ही में, पीवीआर आईनॉक्स ने रायपुर में एक 5-स्क्रीन वाला मल्टीप्लेक्स खोला, जो कंपनी के विस्तार की दिशा में एक और कदम है। अरोड़ा ने यह भी कहा कि एफओसीओ मॉडल की शुरुआत ग्वालियर से हुई थी, और अब इस मॉडल को शिलांग, गंगटोक और सिलीगुड़ी जैसे शहरों में लागू करने की योजना बनाई जा रही है।
-इन सुविधाओं का हो सकता है विस्तार
इस रणनीति के तहत, पीवीआर आईनॉक्स का उद्देश्य केवल सिनेमा की परिभाषा को बदलना नहीं है, बल्कि भारत के छोटे शहरों और कस्बों में भी सिनेमाई अनुभव को एक नए स्तर पर लाना है। इस विस्तार से न केवल स्थानीय दर्शकों को बड़ा फायदा होगा, बल्कि स्थानीय फिल्म इंडस्ट्री को भी प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे पूरे देश में सिनेमा के प्रति रुचि और सिनेमा हॉल्स की संख्या में वृद्धि हो सकती है। कंपनी का मानना है कि इस तरह के मॉडल से पीवीआर आईनॉक्स न केवल सिनेमा प्रेमियों के लिए बेहतर अनुभव प्रदान करेगा, बल्कि वह अपने व्यापार को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सक्षम होगा।
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