
सुंदर पिचाई ने गुरुवार को कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) वह तकनीक है जिसने उन्हें सबसे अधिक प्रेरित किया है और यह “हमारे जीवनकाल का सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म बदलाव” साबित होने जा रही है।
दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ के उद्घाटन समारोह के दौरान पिचाई ने कहा कि एआई नई खोजों और तेज प्रगति का रास्ता खोल रही है, जिससे उभरती अर्थव्यवस्थाएं अपनी पारंपरिक चुनौतियों को तेजी से दूर कर सकती हैं। उन्होंने कहा, “कोई भी तकनीक मुझे एआई से ज्यादा बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित नहीं करती। हम एक ऐसे दौर के कगार पर हैं जहां वैज्ञानिक और आर्थिक बदलाव अभूतपूर्व होंगे।”
Alphabet Inc. और Google के सीईओ ने सरकारों और उद्योग जगत से अपील की कि वे सहयोग और जिम्मेदारी के साथ काम करें, ताकि एआई का लाभ व्यापक रूप से समाज तक पहुंच सके। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि एआई के सकारात्मक परिणाम स्वतः नहीं मिलेंगे, इसके लिए सही दिशा और नीतियों की जरूरत है।
पिचाई ने एआई आधारित वैज्ञानिक प्रगति का उदाहरण देते हुए Google DeepMind की प्रोटीन फोल्डिंग तकनीक का जिक्र किया, जिसने वैश्विक शोध समुदाय को नई गति दी है। उन्होंने बताया कि इस तकनीक का उपयोग 190 से अधिक देशों के लाखों शोधकर्ता कर रहे हैं, जिससे मलेरिया सहित कई बीमारियों पर शोध आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने भारत में कंपनी के बढ़ते निवेशों का भी उल्लेख किया। पिचाई ने बताया कि विशाखापत्तनम में एक फुल-स्टैक एआई हब विकसित किया जा रहा है, जो बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश का हिस्सा होगा।
उन्होंने कहा कि भारत में तकनीकी बदलाव की गति बेहद प्रभावशाली है और एआई अरबों लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव ला सकती है। साथ ही उन्होंने संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत के बीच डिजिटल कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए सब-सी फाइबर नेटवर्क जैसे प्रोजेक्ट्स का भी जिक्र किया।
पिचाई ने उदाहरण देते हुए कहा कि एआई आधारित मौसम पूर्वानुमान से किसानों को समय पर जानकारी मिल रही है, जिससे उनकी आजीविका की सुरक्षा में मदद मिल रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि एआई को साहसिक दृष्टिकोण के साथ अपनाने की जरूरत है, लेकिन जिम्मेदारी के साथ।
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