नई दिल्ली: परिधान क्षेत्र को अच्छी वृद्धि दर्ज करने के लिए निवेश, नवोन्मेष और मूल्य श्रृंखलाओं के साथ जुड़ाव की जरूरत है। परिधान निर्यात संवर्धन परिषद (एईपीसी) ने मंगलवार को कहा कि इससे कपड़ा और परिधान क्षेत्र को विनिर्माण और निर्यात में अच्छी वृद्धि दर्ज करने में मदद मिलेगी। एईपीसी के नवनियुक्त महासचिव मिथिलेश्वर ठाकुर ने कहा कि उत्पादों के विविधीकरण और ब्रांड इंडिया को मजबूत करने के अलावा उत्पादन की मात्रा, कौशल और प्रौद्योगिकी पर भी ध्यान देना चाहिए। उन्होंने एक बयान में कहा, ”भारतीय कपड़ा और परिधान क्षेत्र के तेजी से वृद्धि के लिए मेरा मंत्र निवेश, नवोन्मेष और मूल्य श्रृंखला के साथ जुड़ाव है।
भारत को कपड़े के लिए एक पसंदीदा स्थान बनाने के लिए सरकार के नजरिए से उद्योग के नजरिए को जोड़ने की जरूरत है।” परिषद में शामिल होने से पहले ठाकुर वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय में अतिरिक्त महानिदेशक के रूप में काम कर चुके हैं। वर्ष 2022-23 में भारत का परिधान निर्यात 1.1 प्रतिशत बढक़र 16.20 अरब डॉलर रहा। परिषद के अनुसार 2022-23 में 447 अरब डॉलर का रिकॉर्ड निर्यात इस बात का संकेत है कि भारतीय निर्यात क्षेत्र मजबूत हो रहा है और प्रतिकूल वैश्विक आर्थिक परिवेश से उत्पन्न चुनौतियों का सामना करने में सक्षम है।
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