Vegetable Price Hike: दिल्ली में बारिश के बाद सब्जियों की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। ओखला सब्जी मंडी में पिछले कुछ दिनों के दौरान कई हरी सब्जियों और रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली चीजों के दाम बढ़ गए हैं। कारोबारियों का कहना है कि बारिश से फसल प्रभावित होने और बाहरी राज्यों से सप्लाई बाधित होने का असर मंडी भाव पर पड़ा है।
अदरक ने लगाया सबसे बड़ा झटका
ओखला मंडी के कारोबारियों के मुताबिक, पिछले एक सप्ताह में कई सब्जियों के दाम तेजी से बढ़े हैं। अदरक की कीमत करीब ₹120 से बढ़कर ₹200 प्रति किलो हो गई है।
इसी तरह भिंडी ₹25-30 से बढ़कर ₹40-45 किलो, खीरा ₹15 से ₹30 किलो और टिंडा ₹30 से बढ़कर करीब ₹50 किलो तक पहुंच गया है।
प्याज और दूसरी जरूरी सब्जियां भी महंगी
प्याज की कीमत भी बढ़ी है। कारोबारियों के अनुसार, एक सप्ताह पहले प्याज करीब ₹35-40 किलो बिक रहा था, जो अब लगभग ₹45 किलो हो गया है।
फूलगोभी, बीन्स, अदरक, प्याज और टमाटर जैसी सब्जियों के भाव पर भी बारिश और सप्लाई की स्थिति का असर बताया जा रहा है।
विदेशी सब्जियों ने भी बढ़ाया खर्च
महंगाई का असर केवल स्थानीय सब्जियों तक सीमित नहीं है। विदेशी सब्जियों के दाम में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
एवोकाडो: ₹380 से बढ़कर ₹500 किलो
रेड और येलो बेल पेपर: ₹250 से ₹280 किलो
ब्रोकली: करीब ₹30 किलो महंगी
मशरूम: करीब ₹10 किलो महंगा
जुकीनी: कीमत में फिलहाल खास बदलाव नहीं
कुछ सब्जियों ने दी राहत
जहां कई सब्जियां महंगी हुई हैं, वहीं कुछ के दाम घटे भी हैं। बीन्स की कीमत करीब ₹100 से घटकर ₹60 किलो तक आ गई है। टमाटर भी पहले की तुलना में सस्ता होकर करीब ₹40 किलो बताया जा रहा है।
लौकी और कद्दू के भाव भी बढ़े
रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली कुछ अन्य सब्जियों ने भी रसोई का बजट बढ़ाया है। लंबी लौकी करीब ₹40 किलो तक पहुंच गई है, जबकि गोल लौकी का भाव लगभग ₹50 किलो बताया जा रहा है।
टिंडा और कद्दू दोनों के दाम करीब ₹50 किलो तक पहुंच गए हैं। हालांकि कुंदरू और परवल जैसी कुछ सब्जियों के भाव में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ है।
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बारिश जारी रही तो और बढ़ सकती है महंगाई
मंडी कारोबारियों का कहना है कि फिलहाल सब्जियों के दाम में तुरंत बड़ी राहत मिलने की उम्मीद कम है। अगर बारिश के कारण फसल और सप्लाई पर दबाव बना रहा तो कुछ सब्जियों की कीमतों में आगे और इजाफा हो सकता है।
हालांकि महंगाई का असर बिक्री पर अभी बहुत ज्यादा नहीं दिख रहा, लेकिन ग्राहक खरीदारी में कीमत को पहले से अधिक महत्व दे रहे हैं।

