Whatsapp Passkey Feature: लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp ने अपने यूजर्स की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए एक नया Passkey फीचर शुरू किया है। इस फीचर के आने से अब बार-बार OTP डालने की झंझट से छुटकारा मिल सकता है। कंपनी का कहना है कि यह तरीका न सिर्फ तेज है बल्कि पहले से ज्यादा सुरक्षित भी है।
क्या है Passkey और कैसे करता है काम?
Passkey एक मॉडर्न लॉगिन सिस्टम है जिसमें यूजर को किसी कोड की जरूरत नहीं पड़ती। जब भी आप लॉगिन करते हैं, आपका फोन ही आपकी पहचान की पुष्टि करता है। इसके लिए फिंगरप्रिंट, फेस अनलॉक या फोन का पिन इस्तेमाल किया जाता है। यानी अब आपका डिवाइस ही आपकी डिजिटल चाबी बन जाता है।
OTP से कितना अलग?
अब तक ज्यादातर लोग OTP (वन टाइम पासवर्ड) के जरिए लॉगिन करते थे। इसमें एक कोड SMS के जरिए फोन पर आता है, जिसे ऐप में डालना होता है। यह कोड कुछ समय बाद एक्सपायर भी हो जाता है।
वहीं Passkey में न कोई कोड आता है और न ही कुछ टाइप करना पड़ता है बस एक टैप या बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन से लॉगिन पूरा हो जाता है।
ये भी पढ़ें:
सिक्योरिटी के लिहाज से कौन बेहतर?
सुरक्षा के मामले में Passkey को ज्यादा मजबूत माना जा रहा है। OTP को फिशिंग या सिम स्वैप जैसे साइबर अटैक के जरिए चोरी किया जा सकता है, लेकिन Passkey में इस्तेमाल होने वाले बायोमेट्रिक डेटा को हैक करना बेहद कठिन होता है। इसलिए यह तकनीक ज्यादा भरोसेमंद मानी जा रही है।
यूजर्स के लिए क्या है बेहतर विकल्प?
अगर आपका स्मार्टफोन Passkey को सपोर्ट करता है, तो यह OTP की तुलना में बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। यह न केवल समय बचाता है, बल्कि लॉगिन प्रक्रिया को भी सरल बनाता है। हालांकि OTP की उपयोगिता खत्म नहीं हुई है नए डिवाइस पर लॉगिन या अकाउंट रिकवरी के समय इसकी जरूरत अभी भी पड़ सकती है।
ये भी देखें :
ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਪੁਲਿਸ ਵਲੋਂ ਕੀਤੀਆਂ ਗਈਆਂ ਵੱਡਿਆਂ ਰਿਕਵਰੀਆਂ, NDPS ਦੇ 120 ਦੇ ਕਰੀਬ ਮਾਮਲਿਆਂ ‘ਚ ਨਸ਼ੀਲੇ ਪ੍ਰਦਾਰਥ ਬਰਾਮਦ

