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यूरोपीय संघ के कार्बन कर मुद्दे को दृढ़ता से उठाएंगे : Piyush Goyal

नई दिल्लीः वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि भारत कार्बन कर मुद्दे को यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ ‘बेहद’ दृढ़ता से उठाएगा और 27 देशों के संघ के साथ मिलकर इसका समाधान निकालेगा। उन्होंने कहा कि इसके साथ भारत मुद्दे को अवसर में बदलने के लिए खुद को तैयार करेगा। गैर-शुल्क बाधाएं और कार्बन कर जैसे एकतरफा उपाय भारत के लिए चिंता का विषय हैं। देश अंतरराष्ट्रीय व्यापार के नियमों के तहत स्वतंत्र व निष्पक्ष तरीके से इससे निपटेगा।

गोयल ने ‘रायसीना डायलॉग 2024’ में कहा, कि ‘जहां हमें जवाबी कार्रवाई करनी है, हम जवाबी कार्रवाई करेंगे। जहां हमें चर्चा करनी होगी और मुद्दों को द्विपक्षीय रूप से हल करना होगा हम चर्चा करेंगे और उन्हें हल करेंगे और जहां हमें इसे कानूनी तौर पर उठाना होगा वहां हम ऐसा करेंगे।’’ उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि सीबीएएम (कार्बन सीमा समायोजन प्रणाली) विभिन्न व्यवसायों के लिए चिंता का विषय रहा है।

गोयल ने कहा, कि ‘सीबीएएम एक ऐसी चीज है जिसे हम डब्ल्यूटीओ (विश्व व्यापार संगठन) के नियमों के तहत मजबूती से उठाएंगे, हम मुद्दे से यूरोपीय संघ के साथ द्विपक्षीय रूप से निपटेंगे।’’ आर्थिक शोध संस्थान ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) की एक रिपोर्ट के अनुसार, सीबीएएम एक जनवरी 2026 से यूरोपीय संघ में चुनिंदा आयात पर 20-35 प्रतिशत कर में तब्दील हो जाएगा।

भारत के लौह अयस्क छरें, लोहा, इस्पात और एल्यूमीनियम उत्पादों के निर्यात का 26.6 प्रतिशत यूरोपीय संघ को जाता है। ये उत्पाद सीबीएएम से प्रभावित होंगे। भारत ने 2023 में यूरोपीय संघ को 7.4 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य का ये सामान निर्यात किया था। गोयल ने कहा कि भारत इसे ‘‘लाभ की स्थिति में बदल देगा। हमारे पास योजनाएं हैं, (लेकिन) मैं खुलासा नहीं कर सकता.. लेकिन मैं भारत के हर एक व्यक्ति को आश्वस्त कर सकता हूं कि प्रधानमंत्री और उनकी टीम यह सुनिश्चित करेगी कि भारतीय कारोबारियों को इससे को कोई परेशानी न हो ..।’’

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