नेशनल डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस महीने यूरोप के चार देशों के दौरे पर जाने वाले हैं, जिनमें नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली शामिल है। माना जा रहा है कि यह दौरा 15 से 20 मई के बीच हो सकता है, हालांकि इसकी आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है।
यात्रा का मुख्य उद्देश्य
इस यूरोपीय दौरे में भारत का फोकस कई अहम मुद्दों पर रहेगा, जिनमें खासतौर पर ऊर्जा सप्लाई को सुरक्षित बनाना, पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण व्यापार पर पड़ रहे असर को कम करना, नई और महत्वपूर्ण तकनीकों में सहयोग बढ़ाना है। इसके अलावा यह यात्रा भारत और यूरोपीय देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक रिश्तों को और मजबूत करने की दिशा में अहम मानी जा रही है।
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यूएई में भी रुक सकते हैं
सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी अपने इस दौरे के दौरान संयुक्त अरब अमीरात में भी कुछ समय के लिए रुक सकते हैं। हालांकि इस बारे में अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में भागीदारी
इस यात्रा का एक प्रमुख हिस्सा नॉर्वे में 15 और 16 मई को होने वाला तीसरा भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन होगा। इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी हिस्सा लेंगे। यह शिखर सम्मेलन पहले पिछले साल मई में आयोजित होना था, लेकिन पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद इसे स्थगित कर दिया गया था।
किन देशों के साथ होगी बातचीत
इस सम्मेलन के दौरान भारत और पांच नॉर्डिक देशों के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा होगी। ये देश डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड, नॉर्वे और स्वीडन हैं। इन देशों के साथ नवाचार (innovation), आर्थिक विकास, पर्यावरण के अनुकूल तकनीक और व्यापार-निवेश जैसे मुद्दों पर बातचीत होने की उम्मीद है। साथ ही प्रधानमंत्री इन देशों के नेताओं के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें भी कर सकते हैं।
यूरोप यात्रा का महत्व
यह दौरा इसलिए भी खास है क्योंकि हाल ही में भारत और यूरोपीय संघ के बीच एक महत्वाकांक्षी मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिया गया है। ऐसे में प्रधानमंत्री की यह यात्रा उस समझौते को आगे बढ़ाने और सहयोग को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
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