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बड़े, छोटे विक्रेताओं के बीच समान प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने के लिए सामूहिक रूप से काम करें: PM मोदी

August 24, 2023

बड़े, छोटे विक्रेताओं के बीच समान प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने के लिए सामूहिक रूप से काम करें: PM मोदी

जयपुर: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तेजी से बढ़ते सीमा पार ई-वाणिज्य के समक्ष पेश होने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए जी20 व्यापार मंत्रियों को बड़े तथा छोटे विक्रेताओं के बीच समान प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने के लिए सामूहिक रूप से काम करने का बृहस्पतिवार को सुझाव दिया।जी20 व्यापार एवं निवेश मंत्रियों की बैठक को वीडियो संदेश के जरिए संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उचित मूल्य हासिल करने और शिकायत प्रबंधन तंत्र में उपभोक्ताओं के सामने आने वाली समस्याओं का समाधान तलाशने की बात पर भी जोर दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘ डिजिटल प्रक्रियाओं और ई-वाणिज्य में बाजार की पहुंच बढ़ाने की क्षमता है। मुझे खुशी है कि आपका समूह ‘व्यापार दस्तावेजों के डिजिटलीकरण के लिए उच्च स्तरीय सिद्धांतों’ पर काम कर रहा है। ये सिद्धांत देशों को सीमा पार इलेक्ट्रॉनिक व्यापार उपायों को लागू करने और अनुपालन बोझ को कम करने में मदद कर सकते हैं।’’ प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘ जैसे-जैसे सीमा पार ई-वाणिज्य बढ़ रहा है, चुनौतियां भी बढ़ रही हैं। हमें बड़े तथा छोटे विक्रेताओं के बीच समान प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने के लिए सामूहिक रूप से काम करने की जरूरत है।’’ जी20 समूह के व्यापार मंत्री अंतरराष्ट्रीय वाणिज्य तथा निवेश को बढ़ावा देने के तरीकों पर चर्चा करने के लिए एकत्र हुए हैं।

सरकार की पहल ‘ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स’ (ओएनडीसी) को बड़ा बदलाव बताते हुए मोदी ने कहा कि यह ‘डिजिटल मार्केटप्लेस इको-सिस्टम’ का लोकतंत्रीकरण करेगा।मोदी ने कहा कि दुनिया भारतीय अर्थव्यवस्था को विश्वास भरी नजरों से देख रही है और भारत को अवसरों तथा खुलेपन का संयोजन माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में भारत पांचवीं सबसे बड़ी वैश्विक अर्थव्यवस्था बन गया और उसने प्रतिस्पर्धा का माहौल बनाया तथा पारर्दिशता को बढ़ावा दिया है।

उन्होंने कहा, ‘‘ आज हम भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर वैश्विक स्तर पर आशावाद तथा विश्वास देखते हैं। भारत को खुलेपन, अवसरों और विकल्पों के संयोजन के रूप में देखा जाता है।’’ प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत ने डिजिटलीकरण का विस्तार किया है और नवाचार को बढ़ावा दिया है। ‘‘हम लाल फीताशाही से रेड कार्पेट की ओर बढ़े हैं। हमने एफडीआई (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश) के प्रवाह को उदार बनाया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ सबसे बढक़र हम नीतिगत स्थिरता लाए हैं। हम अगले कुछ वर्षों में भारत को तीसरी सबसे बड़ी वैश्विक अर्थव्यवस्था बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’’ मोदी ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं ने विश्व अर्थव्यवस्था की परीक्षा ली और जी20 के सदस्यों के रूप में यह देशों की जिम्मेदारी है कि वे अंतरराष्ट्रीय व्यापार तथा निवेश में विश्वास का पुर्निनर्माण करें।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘ हमें मजबूत और समावेशी वैश्विक मूल्य श्रृंखलाएं बनानी चाहिए जो भविष्य में पेश होने वाली चुनौतियों का सामना कर सकें। इस संदर्भ में, वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं के मानचित्रण के लिए एक सामान्य ढांचा बनाने का भारत का प्रस्ताव महत्वपूर्ण है।’’ उन्होंने ई-वाणिज्य की वृद्धि पर कहा कि बड़े और छोटे विक्रेताओं के बीच समान प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने के लिए सामूहिक रूप से काम करने की जरूरत है।मोदी ने कहा, ‘‘ हमें उचित मूल्य खोज तथा शिकायत निवारण तंत्र में उपभोक्ताओं के समक्ष पेश होने वाली समस्या का भी समाधान तलाशने की जरूरत है।’’ उन्होंने कहा कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है क्योंकि उनसे 60 से 70 प्रतिशत रोजगार का सृजन होता है और वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद में वे 50 प्रतिशत योगदान करते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘ उन्हें (एमएसएमई) हमारे निरंतर समर्थन की जरूरत है.. हमारे लिए एमएसएमई का मतलब सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यमों को अधिकतम समर्थन है।’’ उन्होंने कहा कि प्रस्तावित ‘जयपुर इनीशिएटिव टू फोस्टर सीमलेस फ्लो ऑफ इंफॉर्मेशन टू एमएसएमई’ इस क्षेत्र के समक्ष पेश होने वाली समस्याओं का समाधान तलाशेगी।मोदी ने कहा, ‘‘मुझे विश्वास है कि आप यह सुनिश्चित करने के लिए सामूहिक रूप से काम करेंगे कि वैश्विक व्यापार प्रणाली धीरे-धीरे अधिक प्रतिनिधित्वपूर्ण और समावेशी भविष्य में परिर्वितत हो जाए।’’

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