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Renault संयुक्त भारतीय उद्यम में Nissan की हिस्सेदारी का अधिग्रहण करेगी

फ्रांसीसी ऑटो कंपनी रेनॉल्ट ने सोमवार को कहा कि वह अपने भारतीय संयुक्त उद्यम में जापानी साझेदार निसान की हिस्सेदारी का अधिग्रहण करेगी।

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नई दिल्ली: फ्रांसीसी ऑटो कंपनी रेनॉल्ट ने सोमवार को कहा कि वह अपने भारतीय संयुक्त उद्यम में जापानी साझेदार निसान की हिस्सेदारी का अधिग्रहण करेगी। कंपनी ने एक बयान में कहा कि रेनॉल्ट समूह निसान की मौजूदा 51 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदकर रेनॉल्ट निसान ऑटोमोटिव इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (आरएनएआईपीएल) का 100 प्रतिशत स्वामित्व हासिल करेगा। हालाँकि, कंपनी ने इस हिस्सेदारी अधिग्रहण से संबंधित वित्तीय विवरण का खुलासा नहीं किया।

रेनॉल्ट समूह और निसान ने इस संबंध में शेयर खरीद समझौता किया है। इस समझौते में रेनॉल्ट समूह और निसान के बीच मौजूदा परियोजनाओं को जारी रखने तथा भारत में दोनों कंपनियों के बीच भविष्य के संबंधों को परिभाषित करने के लिए एक परिचालन समझौता भी शामिल है।

बयान के अनुसार, निसान आने वाले वर्षों में भारत में वाहनों के विनिर्माण और निर्यात के लिए आरएनएआईपीएल का उपयोग करना जारी रखेगा। कंपनी ने कहा कि आरएनएआईपीएल नई मैग्नाइट सहित नए निसान मॉडलों का उत्पादन जारी रखेगी। यह कंपनी की भविष्य की विस्तार योजनाओं के लिए एक महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में काम करेगा।

इस समझौते के अनुसार, रेनॉल्ट समूह और निसान संयुक्त रूप से काम करना जारी रखेंगे। समझौते के तहत, रेनॉल्ट समूह 2026 से अपने इलेक्ट्रिक वाहन ब्रांड एम्पीयर के माध्यम से निसान के लिए एक वाहन का विकास और उत्पादन करेगा। यह मॉडल निसान द्वारा डिजाइन किया जाएगा। रेनॉल्ट समूह के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) लुका डि मैयो ने एक बयान में कहा, “यह मसौदा समझौता, जो दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद है, नए गठबंधन की चुस्त और कुशल मानसिकता को दर्शाता है।”

यह अंतर्राष्ट्रीय बाज़ारों में अपना कारोबार बढ़ाने की हमारी इच्छा की भी पुष्टि करता है। बयान के अनुसार, लेनदेन पूरा होने के बाद, आरएनएआईपीएल को रेनॉल्ट समूह के समेकित वित्तीय विवरणों में 100 प्रतिशत समायोजित किया जाएगा। निसान के भावी अध्यक्ष और सीईओ इवान एस्पिनोसा ने कहा, “भारत हमारे शोध एवं विकास, डिजिटल और अन्य ज्ञान-आधारित सेवाओं का केंद्र बना रहेगा। हम भारतीय बाजार में नए एसयूवी मॉडल पेश करने की योजना बना रहे हैं और भारत के लिए वाहनों का निर्यात अन्य बाजारों में भी जारी रखेंगे।”

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