नई दिल्ली: अगर आप आने वाले दिनों में सब्ज़ी खरीदने का प्लान कर रहे हैं, तो टमाटर के रेट देखकर चौंकने के लिए तैयार रहें। देशभर की मंडियों में टमाटर के दाम अचानक आसमान छूने लगे हैं। पिछले 10–15 दिनों में कीमतों में करीब 50% तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कई शहरों में अच्छी क्वालिटी का टमाटर ₹90 से ₹100 प्रति किलो तक बिक रहा है, जिससे घरेलू बजट पर सीधा असर पड़ रहा है।
कहाँ तक पहुंची कीमत?
सरकारी डाटा बताता है कि एक महीने के भीतर टमाटर की खुदरा कीमतों में 25% से 100% तक उछाल आया है।
ऑल इंडिया एवरेज प्राइस: ₹36/kg से बढ़कर ₹46/kg यानी लगभग 27% बढ़ोतरी
चंडीगढ़: कीमतें सबसे ज्यादा उछलीं, 112% तक बढ़ोतरी
आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और हिमाचल: दामों में 40% से अधिक की छलांग
अक्टूबर की भारी बारिश महंगाई की बड़ी वजह
टमाटर के दाम बढ़ने की सबसे अहम वजह है अक्टूबर में हुई असामान्य और तेज़ बारिश, जिसने कई राज्यों में फसलें तबाह कर दीं।
महाराष्ट्र, जो सबसे बड़े सप्लाई स्टेट्स में से है, वहां थोक कीमतें 45% तक बढ़ गईं।
दिल्ली की थोक मंडियों में दाम लगभग 26% ऊपर चले गए हैं।
आपूर्ति आई आधी, ट्रकों की एंट्री घटी
आपूर्ति में कमी कितनी गंभीर है, इसका अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि कर्नाटक, महाराष्ट्र और गुजरात से आने वाले ट्रकों की संख्या आधी से भी कम रह गई है। आज़ादपुर मंडी (एशिया की सबसे बड़ी सब्ज़ी मंडी) के टमाटर ट्रेडर्स एसोसिएशन के चेयरमैन अशोक कोशीक का कहना है कि अक्टूबर की भारी बारिश ने खेतों को गहरी क्षति पहुंचाई है, जिसकी वजह से सप्लाई अचानक कम हो गई। ट्रेडर्स का यह भी कहना है कि शादी-विवाह सीजन और न्यू ईयर सेलिब्रेशन के कारण मांग बढ़ी हुई है, जिससे कीमतों पर और दबाव पड़ा है।
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एक महीने पहले थी राहत, अब फिर महंगाई की मार
गौर करने वाली बात यह है कि सिर्फ एक महीने पहले प्याज, आलू और टमाटर की कम कीमतों ने खुदरा महंगाई दर को 0.25% तक गिरा दिया था, जो 2013 के बाद सबसे कम लेवल था। उस समय टमाटर में 42.9% डिफ्लेशन दर्ज किया गया था। लेकिन अब हालात बिल्कुल उलट हो गए हैं और टमाटर एक बार फिर महंगाई का कारण बन गया है।
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