
चंडीगढ़: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार मंडियों में खरीद कार्यों से जुड़े सभी हितधारकों के हितों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मंडियों में लोडिंग का काम करने वाले मजदूर भी खरीद प्रक्रिया का एक जटिल हिस्सा हैं, इसलिए उनकी मजदूरी दर बढ़ाकर 2.64 रुपये प्रति बोरी कर दी गई है।
आज यहां अनाज भवन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मंत्री ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि एक साल पहले तक मजदूरों को 1.80 रुपए प्रति बोरी मिलती थी, जिसे 41 पैसे बढ़ाकर 2.21 रुपए प्रति बोरी कर दिया गया है। अब मजदूरों की दरों में 43 पैसे की और बढ़ोतरी की गई है।
मंत्री ने बताया कि एक वर्ष में मजदूरी दरों में 84 पैसे की वृद्धि की गई है, जिसके परिणामस्वरूप मजदूरों को कुल 10 करोड़ रुपए का लाभ होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान कदम राज्य सरकार की मजदूर वर्ग की स्थिति में सुधार लाने की प्रतिबद्धता का एक और प्रमाण है।
भंडारण स्थान के संबंध में कटारूचक ने बताया कि आज सभी जिलों के उपायुक्तों के साथ आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में उन्होंने उपायुक्तों को पर्याप्त भंडारण स्थान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं तथा उन्हें आश्वासन दिया गया है कि इस मुद्दे पर कोई कठिनाई नहीं होगी।
मंत्री ने यह भी बताया कि 2676 खरीद केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें 1864 नियमित और 812 अस्थायी केंद्र शामिल हैं। अब तक राज्य की मंडियों में 4.19 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) गेहूं की आवक हो चुकी है और इसमें से 3.22 एलएमटी की खरीद हो चुकी है, जो 76 प्रतिशत है। साथ ही, एमएसपी के संबंध में 151 करोड़ रुपये का भुगतान किसानों के खातों में जमा किया जा चुका है।
वर्तमान राज्य सरकार के अन्य कल्याण-केन्द्रित उपायों पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने कहा कि इससे पहले डिपो धारकों की मार्जिन मनी 8 वर्षों के बाद 50 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 90 रुपये प्रति क्विंटल की गई थी।
किसानों को भरोसा दिलाते हुए कि पंजाब सरकार उनके द्वारा उत्पादित हरेक अनाज की खरीद के लिए प्रतिबद्ध है, कटारूचक ने कहा कि परेशानी मुक्त खरीद सीजन सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रबंध किए गए हैं।
इस अवसर पर खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के प्रधान सचिव राहुल तिवारी और सचिव एवं निदेशक वरिंदर कुमार शर्मा भी उपस्थित थे।
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