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पंजाब में 4474 सरकारी इमारतों की छत पर लगे सौर पैनल: मंत्री अमन अरोड़ा

February 16, 2025

पंजाब में 4474 सरकारी इमारतों की छत पर लगे सौर पैनल: मंत्री अमन अरोड़ा

चंडीगढ़: बिजली क्षेत्र को कार्बन मुक्त करने और पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर राज्य की निर्भरता को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, पंजाब सरकार ने 4,474 सरकारी भवनों पर छत पर सौर फोटोवोल्टिक (पीवी) पैनल लगाए हैं।

इसके अतिरिक्त, राज्य ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान सरकारी भवनों पर और अधिक छत पर सौर पीवी पैनल लगाकर 20 मेगावाट सौर ऊर्जा जोड़ने का लक्ष्य भी रखा है।

पंजाब के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत मंत्री अमन अरोड़ा ने आज यह जानकारी साझा करते हुए बताया कि दिसंबर 2024 तक राज्य में 4,474 सरकारी भवनों पर 34 मेगावाट क्षमता वाले रूफटॉप सौर पीवी पावर पैनल पहले ही स्थापित किए जा चुके हैं।

ये रूफटॉप सौर पैनल सालाना 4.9 करोड़ यूनिट से अधिक बिजली पैदा कर रहे हैं। उन्होंने आगे बताया कि ये ग्रिड से जुड़े रूफटॉप सौर (पीवी) पैनल उपभोक्ता बिंदु पर बिजली पैदा करते हैं, जो वितरण में नेटवर्क घाटे को कम करने में मदद करता है।

उत्पादित बिजली मांग और आपूर्ति के अंतर को पाटने में भी मदद करती है, जिससे पीएसपीसीएल को विद्युत विनियामक आयोगों द्वारा निर्दिष्ट अपने नवीकरणीय खरीद दायित्व लक्ष्यों को पूरा करने में मदद मिलती है। ग्रिड से जुड़ी यह प्रणाली दिन के समय बिजली पैदा करती है और अतिरिक्त बिजली को वापस ग्रिड में भेजती है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार स्वच्छ ऊर्जा बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, जिसका उद्देश्य राज्य के लोगों के लिए स्वच्छ वातावरण प्रदान करना है।

इस महत्वाकांक्षी पहल से बिजली क्षेत्र को कार्बन मुक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है, क्योंकि सौर (पीवी) प्रौद्योगिकी अपने विभिन्न लाभों के कारण नवीकरणीय ऊर्जा का सबसे पसंदीदा स्रोत बन गई है।

सौर पीवी सिस्टम न केवल पर्यावरण के अनुकूल हैं, बल्कि जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने में भी मदद करते हैं। सौर ऊर्जा का उपयोग करके, राज्य सरकार का लक्ष्य जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता को कम करना है, जिससे ऊर्जा दक्षता बढ़ाने और बिजली बिलों में महत्वपूर्ण लागत बचत के अलावा टिकाऊ ऊर्जा प्रथाओं को बढ़ावा मिलता है।

उन्होंने कहा कि यह नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा करके स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी समर्थन देता है।

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