Last Updated: October 3, 2026

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कोठी को आतंकी कैंप बना रहा था छांगुर बाबा, विदेशी फंडिंग से खरीदीं लग्जरी कारें… ATS के सामने आरोपियों ने क्या-क्या कबूला?

July 18, 2025

कोठी को आतंकी कैंप बना रहा था छांगुर बाबा, विदेशी फंडिंग से खरीदीं लग्जरी कारें… ATS के सामने आरोपियों ने क्या-क्या कबूला?

नेशनल डेस्क: उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल मिले जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा के मामले में रोजाना चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पता चला है कि छांगुर मधपुर के उतरौला स्थित कोठी में आतंकी कैंप चलाने की तैयारी कर रहा था। छांगुर से पूछताछ के बाद दर्ज की गई एफआईआर में भी इसका जिक्र किया गया है। एटीएस के अनुसार आरोपी अपनी कोठी के बड़े हिस्से में टेरर कैंप चलाना चाह रहा था।

ऐसा कर आरोपी राष्ट्रीय सुरक्षा और सांप्रदायिकता को चुनौती देने वाला था। वहीं, रिमांड के दौरान छांगुर और उसकी सहयोगी नीतू उर्फ नसरीन ने भी कई चौंकाने वाली बातें कबूली हैं। सूत्रों के मुताबिक आरोपी नेपाल के जरिए ISI से कनेक्टेड थे। एफआईआर के अनुसार विदेशी फंडिंग से जो करोड़ों रुपये मिले, उससे आरोपियों ने न केवल जमीनें खरीदीं, बल्कि लग्जरी गाड़ियों की खरीद भी की। नेपाल बॉर्डर से लगते इलाकों में जमीनें खरीदी गई थीं, जिनके ऊपर टेरर कैंप चलाने की योजना बनाई गई थी।

डायरी से खुलेंगे राज

ईडी की रेड में नीतू के रूम से एक रेड कलर की डायरी भी मिली है। इस डायरी में कई राजस्व, पुलिस अधिकारियों के अलावा नेताओं के नाम भी मिले हैं। बताया जा रहा है कि इस डायरी को बनाने के लिए छांगुर ने नीतू को कहा था। इसमें पूरे लेन-देन के अलावा उन अधिकारियों और कर्मचारियों को ब्योरा भी है, जो छांगुर से पैसे लेकर जाते थे। इसी पैसे के दम पर छांगुर उनसे अपने काम निकलवा लेता था। एटीएस के अनुसार डायरी में दर्ज सभी नामों से पूछताछ होगी।

नेपाल का होटल व्यवसायी था संपर्क में

पता लगा है कि आरोपी छांगुर ने दारूल इस्लाम के नाम से एक मदरसा भी बनवाया था। यहां विदेशी लोग आते थे। इसके अलावा युवाओं को ट्रेनिंग दी जाती थी। इस्लाम धर्म के प्रचार के अलावा शरिया कानून को लेकर लोगों को ट्रेनिंग दी जा रही थी। छांगुर शरिया कानून को लेकर एक बड़े प्रोजेक्ट पर काम कर रहा था। वह नेपाल के जरिए भारत को गजवा-ए-हिंद बनाना चाह रहा था।

छांगुर नेपाल के एक होटल व्यवसायी के टच में था। ये व्यवसायी मूल रूप से गोंडा का रहने वाला है। नेपाल विजिट के दौरान छांगुर यहीं ठहरता था। एसटीएफ ने उसके भतीजे सबरोज को हिरासत में लेकर भी पूछताछ की थी। उसके 2 रिश्तेदारों की भूमिका भी संदिग्ध है। छांगुर इसी भतीजे पर सबसे ज्यादा ट्रस्ट करता था।

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