नेशनल डेस्क : दिल्ली के वसंत कुंज इलाके में एक महिला ने अपने पति पर तीन बार “तलाक-तलाक-तलाक” बोलकर उसे तलाक देने का आरोप लगाया है। महिला का आरोप है कि उसके पति का किसी दूसरी महिला के साथ अफेयर है, और जब उसने यह बात पकड़ी, तो उसके पति ने उसे ट्रिपल तलाक देकर शादी को समाप्त कर दिया। महिला ने इस मामले की शिकायत दिल्ली पुलिस से की, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…
पीड़ित पत्नी की शिकायत
पीड़ित पत्नी ने अपनी शिकायत में बताया कि उनकी शादी 12 अक्टूबर 2014 को मुस्लिम रीति-रिवाज से अतहर अंजुम से हुई थी। शादी के बाद से ही उसके पति ने उसे शारीरिक उत्पीड़न का शिकार बनाया और कई बार मारपीट की। महिला ने कहा कि 26 मई 2025 को अतहर ने घर का दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया और दो अनजान महिलाओं को साथ लाया। अतहर के कहने पर इन महिलाओं में से एक महिला ने उसे बुरी तरह मारा। इसके बाद अतहर ने महिला को जान से मारने की धमकी दी और साथ ही उसके बच्चों को छीनने की धमकी भी दी।
अफेयर के खुलासे के बाद तलाक
महिला ने अपनी शिकायत में यह भी कहा कि 18 मई 2025 को उसे यह जानकारी मिली कि उसके पति अतहर का किसी अंजली दुबे नाम की लड़की से अफेयर चल रहा है। महिला ने अंजली दुबे के पते पर पहुंचकर यह सत्यता जानने की कोशिश की, और वहां उसे अतहर मौजूद मिला। अतहर ने खुले तौर पर स्वीकार किया कि उसका अंजली से अफेयर चल रहा है। इसके बाद, उसी दौरान अतहर ने ट्रिपल तलाक देकर महिला को तलाक दे दिया। महिला के अनुसार, इस पूरी घटना के दौरान अतहर ने उसे जान से मारने की धमकी दी और अंजली दुबे से कहा कि वह चाकू लेकर आए ताकि वह उसकी गर्दन काट सके। इस धमकी से डरकर, महिला ने घर वापस आकर वूमेन सेल को फोन किया और पुलिस से मदद मांगी।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
महिला की शिकायत के बाद दिल्ली पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज किया है और जांच शुरू कर दी है। महिला ने पुलिस से इस मामले में सख्त कार्रवाई की अपील की है और न्याय की मांग की है।
ट्रिपल तलाक और कानूनी पहलू
ट्रिपल तलाक को लेकर भारत में कानून सख्त है। 2019 में भारतीय संसद ने “मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) अधिनियम” पास किया था, जिसके तहत ट्रिपल तलाक को अवैध और अपराध घोषित किया गया। इस कानून के तहत यदि किसी मुस्लिम व्यक्ति द्वारा अपनी पत्नी को एक साथ तीन बार तलाक दिया जाता है, तो यह अपराध माना जाता है और दोषी को तीन साल तक की सजा हो सकती है।
यह मामला ट्रिपल तलाक की गंभीरता और इसके कानूनी पहलू पर एक और प्रश्न चिह्न खड़ा करता है। महिला ने अब पुलिस से न्याय की उम्मीद जताई है और यह मामला कानूनी सख्ती को और भी महत्वपूर्ण बना देता है। यह घटना यह दर्शाती है कि भले ही सरकार ने ट्रिपल तलाक पर कानूनी प्रतिबंध लगा दिया हो, लेकिन अब भी कुछ लोगों द्वारा इसका उल्लंघन किया जा रहा है। महिला की शिकायत ने यह स्पष्ट किया है कि इस तरह के मामलों में सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है, ताकि महिलाओं को उनके अधिकारों का संरक्षण मिल सके और इस तरह के अत्याचारों को रोका जा सके।

