Cleaning of Yamuna River : दिल्ली चुनाव में यमुना नदी की सफाई एक महत्वपूर्ण मुद्दा रहा है। इसके साथ ही दिल्ली चुनाव में भाजपा की जीत के तुरंत बाद यमुना नदी की सफाई का काम भी शुरू हो गया है। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव नवीन कुमार चौधरी आईटीओ छठ घाट का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने दावा किया कि यमुना नदी 2027 तक साफ हो जाएगी।
उच्च स्तरीय समिति गठित-
नवीन कुमार चौधरी ने कहा, ‘यमुना की सफाई के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है। यमुना की सफाई तीन साल में पूरी हो जाएगी। दिसंबर 2027 तक हमारा काम पूरा करने की समय सीमा है। प्रशासन को पूरा भरोसा है कि हम समय पर काम पूरा कर लेंगे।
STP की मुरम्मत पर दिया जाएगा ध्यान-
उन्होंने कहा, ‘यमुना को साफ करने के लिए हमें तीन-चार काम करने होंगे। फिलहाल सात बड़ी मशीनें नदी की सफाई में लगी हुई हैं। उनकी मदद से नदी में मौजूद कूड़ा-कचरा, धार्मिक वस्तुएं, लकड़ी, जलकुंभी समेत सभी ठोस अपशिष्टों को हटाया जा रहा है। यह कार्य कुछ सप्ताहों और महीनों तक जारी रहेगा। साथ ही, हमारा लक्ष्य 2026 के अंत तक अपने सभी दोषपूर्ण एसटीपी की मरम्मत करना और सभी नए एसटीपी की मरम्मत करना है।’
जनता में जागरूकता फैलाने का किया जाएगा काम-
उन्होंने कहा, ‘इसके साथ ही यमुना में औद्योगिक अपशिष्ट प्रवाहित होने से रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। यमुना में औद्योगिक रसायनों के प्रवाह को रोकने के लिए पर्याप्त व्यवस्था की जाएगी। इन सबके साथ ही हम जनता में जागरूकता फैलाने का काम भी करेंगे।’
चुनाव प्रचार के दौरान PM ने किया था जिक्र-
उल्लेखनीय है कि हाल ही में दिल्ली विधानसभा चुनाव संपन्न हुए हैं। चुनाव प्रचार के दौरान यमुना प्रदूषण का मुद्दा सभी राजनीतिक दलों के बीच एक प्रमुख मुद्दा था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी स्वयं अपने चुनावी भाषणों में यमुना नदी के प्रदूषण को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) पर बार-बार हमला करते देखे गए। चुनाव जीतने के बाद भी पार्टी कार्यालय में अपने भाषण में उन्होंने यमुना के प्रदूषण का जिक्र किया। इसके साथ ही उन्होंने यमुना की स्वच्छता का भी भरोसा दिलाया।

