नई दिल्ली। दिल्ली के नांगलोई इलाके में स्थित एक अचार बनाने वाली फैक्ट्री में शनिवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। फैक्ट्री के अंदर बने एक कुएं में उतरने के दौरान फैक्ट्री मालिक और उनके बेटे की मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
फैक्ट्री के अंदर बने थे अचार रखने के कुएं
पुलिस के मुताबिक, जिस इमारत में यह फैक्ट्री चल रही थी, उसके ग्राउंड फ्लोर पर अचार बनाने का काम किया जाता था। वहीं पहली मंजिल पर 60 साल के फैक्ट्री मालिक अनिल अपने परिवार के साथ रहते थे। फैक्ट्री के अंदर करीब 10 फुट गहरे पांच कुएं बनाए गए थे। इन कुओं का इस्तेमाल अचार को तैयार करने और उसे रखने के लिए किया जाता था। इसी कुएं में उतरने के दौरान यह हादसा हुआ।
मजदूर के बेहोश होने से शुरू हुई घटना
शुरुआती जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम फैक्ट्री में काम कर रहा एक मजदूर अचार वाले कुएं में उतरा था। कुछ ही देर बाद वह अचानक बेहोश होकर नीचे गिर गया। माना जा रहा है कि कुएं के अंदर ऑक्सीजन की कमी या जहरीली गैस होने की वजह से उसका दम घुटने लगा और वह बेहोश हो गया।
मजदूर को बचाने उतरे मालिक और बेटे
मजदूर को बेहोश होते देख फैक्ट्री मालिक अनिल तुरंत उसे बचाने के लिए कुएं में उतर गए। उनके पीछे-पीछे उनके दो बेटे, 32 साल के नीरज और 28 साल के संदीप भी मजदूर को बचाने के लिए कुएं में चले गए। लेकिन कुएं के अंदर मौजूद जहरीली गैस या ऑक्सीजन की कमी के कारण तीनों की तबीयत भी बिगड़ने लगी और वे भी बेहोश होकर वहीं गिर पड़े।
शोर सुनकर पहुंचे लोग
इस दौरान फैक्ट्री के अंदर हड़कंप मच गया और शोर-शराबा होने लगा। आवाज सुनकर अनिल के भाई सुभाष और आसपास के कुछ लोग मौके पर पहुंच गए। उन्होंने काफी कोशिश के बाद सभी लोगों को कुएं से बाहर निकाला। जब सभी को बाहर निकाला गया तो मजदूर और संदीप को होश आ गया, लेकिन अनिल और उनके बेटे नीरज की हालत बहुत गंभीर थी।
अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
परिजनों और स्थानीय लोगों ने तुरंत अनिल और नीरज को इलाज के लिए संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल पहुंचाया। लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद परिवार में मातम छा गया और पूरे इलाके में दुख का माहौल बन गया।
पुलिस कर रही है मामले की जांच
पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि कुएं के अंदर दम घुटने की असली वजह क्या थी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि फैक्ट्री में सुरक्षा से जुड़े जरूरी नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की असली वजह साफ हो पाएगी।

