नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक बार फिर भरोसा दिलाया है कि केंद्र सरकार 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद (माओवादी हिंसा) को पूरी तरह खत्म कर देगी। उन्होंने यह बात दिल्ली पुलिस के 79वें स्थापना दिवस कार्यक्रम के दौरान कही।
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11 राज्यों में फैला था माओवादी प्रभाव
अमित शाह ने कहा कि एक समय माओवादी विद्रोह 11 राज्यों तक फैल चुका था और यह देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था। लेकिन अब सरकार प्रभावित इलाकों को नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त करने के बहुत करीब है। उन्होंने कहा कि 31 मार्च 2026 तक पूरे देश को माओवादी हिंसा से आज़ाद करने का लक्ष्य तय किया गया है और यह सुरक्षा बलों की बड़ी उपलब्धि होगी।
2014 के बाद हालात में सुधार
गृह मंत्री ने कहा कि 2014 से पहले देश की आंतरिक सुरक्षा तीन बड़ी चुनौतियों से जूझ रही थी, जम्मू-कश्मीर, पूरा उत्तर-पूर्व और कई राज्यों में फैला माओवादी प्रभाव। उन्होंने दावा किया कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद कश्मीर, उत्तर-पूर्व और माओवादी प्रभावित क्षेत्रों में हिंसा की घटनाओं में करीब 80 प्रतिशत तक कमी आई है। उनका कहना था कि आने वाले समय में ये तीनों क्षेत्र पूरी तरह हिंसा मुक्त हो जाएंगे।
नॉर्थ-ईस्ट में शांति समझौते
शाह ने बताया कि उत्तर-पूर्व में 10,000 से अधिक युवाओं ने हथियार छोड़कर मुख्यधारा में वापसी की है। 20 से ज्यादा शांति समझौतों के जरिए वहां शांति स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
नई सुरक्षा योजनाओं पर जोर
गृह मंत्री ने कहा कि आने वाले समय में गृह मंत्रालय नारकोटिक्स के खिलाफ सख्त अभियान चलाएगा। देशभर में CCTV और कंट्रोल रूम का नेटवर्क मजबूत करेगा। सीमाओं की सुरक्षा को आधुनिक तकनीक से लैस करेगा। तीन नए आपराधिक कानूनों को पूरी तरह लागू करेगा। उन्होंने भरोसा जताया कि 2029 से पहले देश इन सभी सुरक्षा चुनौतियों का प्रभावी समाधान कर लेगा।
दिल्ली पुलिस के लिए आधुनिक सुविधाएं
कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने दिल्ली पुलिस की तारीफ करते हुए कहा कि उसने हमेशा राष्ट्रीय राजधानी और एनसीआर की सुरक्षा सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के इंटीग्रेटेड हेडक्वार्टर की ई-नींव भी रखी। करीब 400 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह केंद्र नारकोटिक्स और आतंकवाद से निपटने के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। इसमें इनडोर फायरिंग रेंज, वॉर रूम, साइबर लैब और ट्रेनिंग हॉल जैसी सुविधाएं होंगी।
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सेफ सिटी प्रोजेक्ट का उद्घाटन
इस मौके पर सेफ सिटी प्रोजेक्ट के पहले चरण का उद्घाटन भी किया गया। लगभग 857 करोड़ रुपये की लागत से बना एडवांस्ड इंटीग्रेटेड कमांड, कंट्रोल, कम्युनिकेशन और कंप्यूटर सेंटर (C4I) भी दिल्लीवासियों को समर्पित किया गया। इसके अलावा 11 जिला स्तर के C3I सेंटर, 75 थाने स्तर के C2I यूनिट, 10,000 नए कैमरों की योजना (पहले चरण में 2,100 कैमरे लाइव), पहले से लगे 15,000 से ज्यादा कैमरों को सिस्टम से जोड़ा गया। गृह मंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं से दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी।