नई दिल्ली: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि भारत और अमेरिका के बीच होने वाली ट्रेड डील पूरी तरह से किसानों के हितों को ध्यान में रखकर बनाई गई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस समझौते में देश की प्रमुख फसलों और डेयरी प्रोडक्ट्स को पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है।
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डील से भारतीय किसानों को नए अंतरराष्ट्रीय बाजार मिलेंगे
मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में किसानों से बातचीत के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इस डील से भारतीय किसानों को नए अंतरराष्ट्रीय बाजार मिलेंगे। उन्होंने खास तौर पर बासमती चावल और मसालों का जिक्र करते हुए कहा, “हमारा बासमती चावल अमेरिका में धूम मचाएगा। हमारे मसाले भी वहां पहुंचेंगे। इससे किसानों को सीधा फायदा होगा।” उन्होंने बताया कि इस ट्रेड एग्रीमेंट के जरिए भारत के कृषि उत्पादों के लिए अमेरिकी बाजार खुलेगा, जबकि देश के किसानों को नुकसान पहुंचाने वाले आयात को रोका गया है।
अंतरिम ट्रेड एग्रीमेंट का फ्रेमवर्क घोषित
भारत और अमेरिका ने आपसी फायदे के लिए एक अंतरिम ट्रेड एग्रीमेंट का फ्रेमवर्क घोषित किया है। यह फ्रेमवर्क 13 फरवरी 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच शुरू हुई बड़ी बाइलेटरल ट्रेड एग्रीमेंट (BTA) बातचीत का हिस्सा है। इसका मकसद व्यापार बढ़ाना, सप्लाई चेन को मजबूत करना और दोनों देशों को फायदा पहुंचाना है। इस समझौते के तहत भारत अमेरिका से आने वाले कुछ औद्योगिक सामान और चुनिंदा कृषि उत्पादों पर टैक्स (टैरिफ) कम करेगा या खत्म करेगा। इनमें पशु आहार, सूखे फल, फल-सब्जियां, सोयाबीन तेल, वाइन और स्पिरिट्स जैसे उत्पाद शामिल हैं।
किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं किया: पीयूष गोयल
वहीं, केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने भी साफ किया कि सरकार ने घरेलू किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं किया है। उन्होंने कहा कि इस डील में डेयरी उत्पाद, फल, सब्जियां, मसाले और अनाज को पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है, ताकि देश के किसानों को नुकसान न हो।
सरकार ने जिन चीजों को इंपोर्ट से सुरक्षित रखा है, उनमें शामिल हैं:
सब्जियां: आलू, मटर, बीन्स, खीरा, मशरूम और अन्य प्रोसेस्ड या फ्रोजन सब्जियां
डेयरी प्रोडक्ट्स: दूध, दही, मक्खन, घी, चीज़, छाछ, क्रीम और व्हे प्रोडक्ट
अनाज: गेहूं, चावल, मक्का, बाजरा, ज्वार, जौ, रागी, आटा और मैदा
मसाले: काली मिर्च, मिर्च, धनिया, जीरा, हल्दी, अदरक, हींग, मेथी, सरसों और अन्य मसाले
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समझौता किसानों की आमदनी बढ़ाएगा
दोनों देशों ने कहा है कि वे इस फ्रेमवर्क को जल्द लागू करेंगे और तय रोडमैप के अनुसार एक बड़ा और स्थायी भारत-अमेरिका ट्रेड एग्रीमेंट पूरा करेंगे। सरकार का कहना है कि यह समझौता किसानों की आमदनी बढ़ाने और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक अहम कदम साबित होगा।

