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यमुना नदी को प्रदूषित पानी से बचाने के लिए MCD ने 3 अनधिकृत धोबी घाटों को किया सील

नई दिल्ली [भारत]: दिल्ली नगर निगम (MCD) ने यमुना नदी को बिना उपचारित किए गए गंदे पानी से प्रदूषित होने से बचाने के लिए, पुरानी दिल्ली क्षेत्र में तीन अवैध धोबी घाटों (कपड़े धोने की जगहों) को सील कर दिया है।

यह कार्रवाई नगर आयुक्त संजीव खिरवार के उस निर्देश के बाद की गई है, जिसमें उन्होंने अधिकारियों से अवैध घाटों को बंद करने और यह सुनिश्चित करने को कहा था कि अधिकृत (कानूनी) केंद्र पर्यावरण संबंधी नियमों का पालन करें।

नगर निगम के विभिन्न क्षेत्रों में किए गए निरीक्षणों में पर्यावरण नियमों के गंभीर उल्लंघन सामने आए। इनमें एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ETP) का काम न करना या उनका न होना, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) की जरूरी मंजूरी के बिना काम करना, और ऐसे हानिकारक साबुन व डिटर्जेंट का इस्तेमाल करना शामिल है जो भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के मानकों पर खरे नहीं उतरते।

MCD आने वाले दिनों में पुलिस और प्रशासन की मदद से नियमों का उल्लंघन करने वाले अन्य केंद्रों के खिलाफ भी कार्रवाई करेगा।

नियमों का पालन न करने वाले संचालकों को ‘कारण बताओ’ (show-cause) और अनुपालन (compliance) नोटिस जारी किए गए हैं। MCD ने चेतावनी दी है कि नियमों के उल्लंघन पर केंद्रों को सील किया जा सकता है और अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

नगर निकाय ने नियमों का पालन न करने वाले केंद्रों के पानी और बिजली के कनेक्शन काटने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इस बारे में BSES और दिल्ली जल बोर्ड को सूचित कर दिया गया है।

धोबी घाट संचालकों को निर्देश दिया गया है कि वे बिना उपचारित किए गए गंदे पानी को नालों या जलाशयों में न बहाएं और DPCC के नियमों का पालन करें। साथ ही, MCD ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने संबंधित जोनल कार्यालयों में अवैध धोबी घाटों की जानकारी दें।

इससे पहले, 18 अक्टूबर को 35,000 से अधिक लोग ‘चलो यमुना’ अभियान में शामिल हुए। उन्होंने एक ही सुबह में नदी के किनारे 70 जगहों की सफाई की और 76,755 किलोग्राम कचरा हटाया।

जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने सोमवार को इस बारे में जानकारी दी और बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 22 अक्टूबर को दिल्ली जल बोर्ड की 8,941.22 करोड़ रुपये की 43 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे।

इस सफाई अभियान में वजीराबाद के सूर घाट और सिग्नेचर ब्रिज से लेकर यमुना बाजार, ITO, निजामुद्दीन, सराय काले खां और चिल्ला तक का हिस्सा शामिल था। इसमें 20,000 नागरिक, परिवार और RWA सदस्य, 10,500 पार्टी कार्यकर्ता, 2,500 छात्र और 2,000 NGO स्वयंसेवक शामिल थे।

दिल्ली विश्वविद्यालय के 25 से अधिक कॉलेजों के छात्रों ने इसमें हिस्सा लिया, जिनमें देशबंधु कॉलेज के 400 से ज़्यादा छात्र शामिल थे। इस सफाई अभियान में 26 JCB, 19 ट्रैक्टर-ट्रॉली, 24 नावें, सात वीड हार्वेस्टर (खरपतवार काटने वाली मशीनें) और ट्रैश स्किमर (कचरा हटाने वाली मशीनें), तथा PWD की 269 मेंटेनेंस वैन का इस्तेमाल किया गया।

आने वाली परियोजनाओं में ओखला में 1,161 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला 124 MGD क्षमता का नया सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) और 1,041 करोड़ रुपये की लागत से आठ मौजूदा STP का अपग्रेडेशन शामिल है। इन अपग्रेडेशन से इनकी कुल क्षमता 78.2 MGD से बढ़कर 140.8 MGD हो जाएगी, जिससे 78.5 लाख लोगों को फायदा मिलेगा।

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