Amarnath Yatra 2025 : अमरनाथ यात्रा पिछले पांच दिनों से शांतिपूर्ण तरीके से चल रही है और श्रद्धालुओं की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। इसी कड़ी में मंगलवार को 7,541 श्रद्धालुओं का एक और जत्था कश्मीर के लिए रवाना हुआ। 3 जुलाई से शुरू हुई इस यात्रा में 90,000 से अधिक लोग शामिल हो चुके हैं। अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार को जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से दो सुरक्षित काफिलों में 7,541 श्रद्धालुओं का जत्था घाटी के लिए रवाना हुआ।
रवाना हुआ काफिला-
पहला काफिला 148 वाहनों और 3,321 श्रद्धालुओं को लेकर सुबह 2:55 बजे बालटाल बेस कैंप के लिए रवाना हुआ। वहीं, दूसरा काफिला 161 वाहनों और 4,220 श्रद्धालुओं को लेकर सुबह 4:03 बजे नुनवान (पहलगाम) बेस कैंप के लिए रवाना हुआ। श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) के अधिकारियों ने बताया कि भगवती नगर यात्री निवास से घाटी में आने वाले तीर्थयात्रियों के अलावा कई तीर्थयात्री सीधे ट्रांजिट कैंप और दोनों आधार शिविरों में पहुंचकर तुरंत पंजीकरण कराकर अमरनाथ यात्रा में शामिल हो रहे हैं।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम-
इस साल की अमरनाथ यात्रा के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। यह यात्रा पहलगाम हमले के बाद हो रही है, जिसमें पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने 26 नागरिकों की हत्या कर दी थी। सेना, बीएसएफ, सीआरपीएफ, एसएसबी और स्थानीय पुलिस की मौजूदा ताकत को बढ़ाने के लिए 180 अतिरिक्त सीएपीएफ कंपनियां लगाई गई हैं। जम्मू में भगवती नगर यात्री निवास से गुफा मंदिर तक और दोनों आधार शिविरों के रास्ते में पड़ने वाले सभी ट्रांजिट कैंपों को सुरक्षा बलों ने सुरक्षित कर लिया है।
स्थानीय लोगों का मिल रहा समर्थन-
हर साल की तरह इस साल भी स्थानीय लोगों ने अमरनाथ यात्रा को अपना पूरा समर्थन दिया है। पहलगाम आतंकी हमले पर कश्मीरियों के दुख का संदेश देने के लिए स्थानीय लोगों ने सबसे पहले तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे का स्वागत किया। जैसे ही तीर्थयात्री नौगाम सुरंग को पार करके काजीगुंड से कश्मीर घाटी में पहुंचे, स्थानीय लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
38 दिनों तक चलेगी यात्रा-
आपको बता दें कि अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई को शुरू हुई थी और 38 दिनों के बाद 9 अगस्त को समाप्त होगी। श्री अमरनाथ जी यात्रा तीर्थयात्रियों के लिए सबसे पवित्र धार्मिक तीर्थ स्थलों में से एक है, क्योंकि किंवदंती है कि भगवान शिव ने माता पार्वती को इस गुफा के अंदर शाश्वत जीवन और अमरता के रहस्य बताए थे।