Basant Panchami Puja Vidhi At Home (सरस्वती पूजा विधि): बसंत पंचमी का पर्व वसंत ऋतु के आगमन का संकेत देता है। इसी दिन से वसंतोत्सव की शुरुआत मानी जाती है, जो होली तक चलता है। इसे कई जगह मदनोत्सव के रूप में भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बसंत पंचमी के दिन ही सृष्टि की रचना हुई थी और इसी कारण यह दिन नए कार्यों की शुरुआत के लिए बेहद शुभ माना जाता है।
इस दिन विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा की जाती है। मान्यता है कि बसंत पंचमी पर पूजा करने से ज्ञान, बुद्धि और कला में वृद्धि होती है। नई शिक्षा शुरू करना, बच्चों का विद्यारंभ, मुंडन, अन्नप्राशन, गृह प्रवेश या कोई भी शुभ कार्य इस दिन करना फलदायी माना जाता है। अगर आप घर पर सरल तरीके से सरस्वती पूजा करना चाहते हैं, तो नीचे दी गई विधि का पालन कर सकते हैं।
बसंत पंचमी पूजा की सरल विधि
–बसंत पंचमी के दिन सुबह स्नान करके स्वच्छ हो जाएं और पीले या हल्के रंग के वस्त्र पहनें।
–घर के पूजा स्थल को साफ करें और वहां पीले वस्त्र बिछाकर मां सरस्वती की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
–पूजा में विघ्नों से बचने के लिए भगवान गणेश की प्रतिमा या चित्र भी रखें।
–मां सरस्वती को पीले फूल, अक्षत, हल्दी, केसर, पीले फल और पीली मिठाइयों का अर्पण करें।
–दीपक और धूप जलाकर पूजा प्रारंभ करें तथा मां को माला अर्पित करें।
–इस दिन केसर हलवा, बूंदी या पीली खीर जैसे पीले रंग के भोग विशेष रूप से चढ़ाए जाते हैं।
–मां सरस्वती के किसी भी मंत्र का श्रद्धापूर्वक 108 बार जाप करें।
–बच्चे अपनी किताबें, कॉपियां, कलम और वाद्य यंत्र मां के चरणों में रखकर आशीर्वाद लें।
–छोटे बच्चों के लिए इस दिन विद्यारंभ संस्कार करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
–अंत में मां सरस्वती की आरती करें और प्रसाद सभी को वितरित करें।