Last Updated: October 1, 2026

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श्रीकृष्ण के अंत के बाद द्वारका नगरी का क्या हुआ? जानिए पूरा सच

March 18, 2026

श्रीकृष्ण के अंत के बाद द्वारका नगरी का क्या हुआ? जानिए पूरा सच

भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी द्वारका नगरी की कहानी हमेशा से लोगों को हैरान करती रही है। एक ऐसा शहर जिसे बेहद समृद्ध, सुरक्षित और भव्य बताया गया वह अचानक कैसे गायब हो गया – यह सवाल आज भी पूरी तरह सुलझ नहीं पाया है।

द्वारका क्या थी
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, मथुरा छोड़ने के बाद श्रीकृष्ण ने समुद्र किनारे एक नई नगरी बसाई थी, जिसे द्वारका कहा गया। यह शहर सिर्फ एक राजधानी नहीं बल्कि एक संगठित और विकसित नगर माना जाता था जहां यादव वंश के लोग शांति से रहते थे।

श्रीकृष्ण की पृथ्वी से विदा
लेकिन समय के साथ हालात बदले। महाभारत के अंत के बाद यादव वंश के भीतर ही संघर्ष शुरू हो गया। कहा जाता है कि आपसी कलह इतनी बढ़ गई कि पूरा वंश लगभग खत्म हो गया। इसी दौरान श्रीकृष्ण ने भी पृथ्वी से विदा ले ली। यहीं से द्वारका के अंत की कहानी शुरू होती है।

समुद्र का जल स्तर
श्रीकृष्ण के जाने के कुछ समय बाद समुद्र का जल स्तर बढ़ने लगा। धीरे-धीरे लहरें शहर की ओर बढ़ीं और एक समय ऐसा आया जब पूरी द्वारका नगरी पानी में समा गई। जो लोग बचे वे उस स्थान को छोड़कर चले गए। यह घटना अचानक हुई या धीरे-धीरे इस पर अलग-अलग कथाएं मिलती हैं लेकिन अंत एक ही बताया गया है – द्वारका समुद्र में डूब गई।

इसके पीछे कोई श्राप
कई कथाओं में इसे श्राप से भी जोड़ा गया है। माना जाता है कि यादव वंश को मिले श्राप के कारण ही उनका विनाश हुआ और उसी के साथ द्वारका का भी अंत हो गया।

वैज्ञानिक नजरिया
अगर इसे वैज्ञानिक नजरिए से देखें तो वैज्ञानिकों के अनुसार यह कहानी पूरी तरह असंभव भी नहीं लगती। समुद्र के किनारे बसे शहरों के डूबने की घटनाएं इतिहास में कई बार दर्ज हुई हैं। समय के साथ समुद्र का स्तर बदलता है भूगर्भीय हलचल होती है और तटीय इलाके पानी में समा सकते हैं।

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भारत में राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान (National Institute of Oceanography) समेत कई संस्थानों ने द्वारका के पास समुद्र के भीतर खोज की है। इन खोजों में पत्थर की संरचनाएं, दीवारों जैसे अवशेष और पुराने बंदरगाह के संकेत मिले हैं। यह साफ तौर पर नहीं कहा जा सकता कि ये वही द्वारका है जिसका वर्णन ग्रंथों में मिलता है लेकिन इतना जरूर संकेत मिलता है कि उस क्षेत्र में कभी एक प्राचीन बसा हुआ नगर था जो बाद में समुद्र में समा गया।

यहीं पर आस्था और विज्ञान एक दिलचस्प जगह पर आकर मिलते हैं। एक तरफ धार्मिक मान्यता है कि द्वारका श्रीकृष्ण के जाने के बाद डूब गई वहीं दूसरी ओर विज्ञान कहता है कि वहां किसी समय मानव बस्ती थी जो प्राकृतिक कारणों से खत्म हो गई।

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