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Kailash Mansarovar Yatra 2026: विदेश मंत्रालय ने एडवाइजरी की जारी, जरूरी दस्तावेज मिलने के बाद ही…

Kailash Mansarovar Yatra 2026

Kailash Mansarovar Yatra 2026

Kailash Mansarovar Yatra 2026: कैलाश मानसरोवर यात्रा को लेकर भारतीय विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है। एडवाइजरी की तरफ से कहा गया कि मंत्रालय को ऐसे कई भारतीय नागरिकों से मदद और सहायता के अनुरोध मिले हैं, जो प्राइवेट टूर ऑपरेटरों द्वारा आयोजित यात्राओं के जरिए कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे, लेकिन उनके पास चीन के लिए जरूरी एंट्री परमिट और वीजा नहीं थे और वे नेपाल में फंस गए।

मंत्रालय की ओर से कहा गया कि नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे भारत से अपनी यात्रा तब तक शुरू न करें जब तक कि पूरी यात्रा के लिए जरूरी सभी ट्रैवल डॉक्यूमेंट्स न मिल जाएं। कन्फर्म डॉक्यूमेंट्स के बिना या जरूरी डॉक्यूमेंट्स मिलने की उम्मीद में यात्रा शुरू करने से फंसने की संभावना बढ़ जाती है।

मंत्रालय ने कहा कि तीर्थयात्रियों को यह भी सलाह दी जाती है कि वे पक्का कर लें कि उनका टूर ऑपरेटर ठीक से रजिस्टर्ड और अधिकृत है।

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यात्रा से जुड़ी जरूरी सलाह की साझा
इससे पहले चीन में भारत के राजदूत विक्रम दोरईस्वामी ने कैलाश मानसरोवर यात्रा के तीर्थयात्रियों के लिए एक वीडियो संदेश जारी किया। इसमें उन्होंने यात्रियों के लिए की जा रही तैयारियों, परिक्रमा के अपने अनुभव और यात्रा से जुड़ी जरूरी सलाह साझा की।

स्थानीय लोगों के लिए पवित्र स्थान
राजदूत और दूतावास के उनके साथियों ने खुद कैलाश पर्वत की परिक्रमा वाले रास्ते और आधिकारिक यात्रा के सभी प्रवेश स्थानों का दौरा किया। उन्होंने बताया कि यह जगह स्थानीय लोगों के लिए भी बहुत पवित्र है। इसलिए यात्रियों को वहां काफी भीड़ मिलने की उम्मीद रखनी चाहिए, क्योंकि यह चीनी और पारंपरिक तिब्बती कैलेंडर के हिसाब से हर 12 साल में आने वाला एक खास साल है।

मुख्य चिकित्सा सुविधाओं की जांच
उन्होंने बताया कि दूतावास की टीम ने सिर्फ प्रवेश स्थानों का ही निरीक्षण नहीं किया, बल्कि उन होटलों को भी देखा जहां यात्रियों को हर रात ठहराया जाएगा। टीम ने रसोई, यात्रियों के लिए उपलब्ध कमरों और वहां मौजूद मुख्य चिकित्सा सुविधाओं की भी जांच की।

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राजदूत ने कहा कि चीनी सरकार के साथ मिलकर तैयारियां पूरी करने की कोशिश की गई है, लेकिन यात्रियों को इस यात्रा की कठिनाइयों के बारे में भी पता होना चाहिए।

लिपुलेख मार्ग से रवाना होंगे 10 जत्थे
दरअसल, उत्तराखंड के रास्ते होने वाली कैलाश मानसरोवर यात्रा की तैयारियां अब फाइनल राउंड में पहुंच चुकी हैं। इस साल यात्रा का पहला जत्था चार जुलाई को उत्तराखंड पहुंचेगा। इस साल लिपुलेख मार्ग से 50-50 श्रद्धालुओं के 10 जत्थे यात्रा पर रवाना होंगे। हालांकि श्रद्धालुओं के लिए राहत की बात यह है कि इस बार उनको केवल 38 किलोमीटर का ही सफर पैदल पार करना होगा। बाकि की यात्रा वाहनों के माध्यम से पूरी की जा सकती है।

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